सावधान! नौगचिया में PhonePe KYC के नाम पर ठगी, एक लाख रुपये उड़े

नौगचिया के रंगरा गांव के रहने वाले रुदल मंडल साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। जालसाज ने खुद को यूको बैंक का मैनेजर बताकर उनसे एक लाख रुपये ठग लिए।
मुख्य बातें:
- ठग ने PhonePe KYC अपडेट करने के बहाने संपर्क किया।
- अकाउंट लॉक होने का डर दिखाकर एक लाख रुपये निकाल लिए।
- पैसे कैलाश राय नाम के व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर किए गए।
- पीड़ित ने पुलिस और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई है।
ऐसे हुआ ठगी का खेल
20 अगस्त 2026 को यह मामला सामने आया। ठग ने रुदल मंडल को फोन किया और कहा कि वह यूको बैंक का मैनेजर है। उसने PhonePe KYC अपडेट करने के लिए कहा और चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो उनका अकाउंट लॉक हो जाएगा। इसी झांसे में आकर रुदल मंडल के खाते से एक लाख रुपये निकाल लिए गए, जो कैलाश राय नाम के व्यक्ति के खाते में चले गए।
पुलिस और साइबर सेल में शिकायत
घटना के बाद पीड़ित ने स्थानीय पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई और सेंट्रल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर भी सूचना दी। फिलहाल इस धोखाधड़ी की जांच जारी है। इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के मुताबिक, अगर वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्ट 'गोल्डन ऑवर' (शुरुआती समय) के भीतर 1930 हेल्पलाइन पर दी जाती है, तो पैसों की रिकवरी की संभावना बढ़ जाती है क्योंकि अधिकारी प्राप्तकर्ता के बैंक खाते को फ्रीज कर सकते हैं।
बैंक और PhonePe की चेतावनी
वित्तीय संस्थानों और डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म्स ने ऐसे घोटालों के खिलाफ बार-बार चेतावनी जारी की है। यूको बैंक ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे अपनी UPI आईडी, पिन या ओटीपी कभी भी अनजान व्यक्तियों के साथ साझा न करें। बैंक ने स्पष्ट किया है कि पिन का उपयोग केवल भुगतान करने के लिए किया जाता है, पैसे प्राप्त करने के लिए नहीं। इसी तरह, PhonePe ने निर्देश दिया है कि उपयोगकर्ता केवल आधिकारिक वेबसाइटों या सत्यापित एजेंटों के माध्यम से ही KYC प्रक्रिया पूरी करें।
नौगचिया में बढ़ते साइबर अपराध
यह घटना नौगचिया क्षेत्र में हाल ही में हुई साइबर अपराध जांचों की कड़ी का हिस्सा है। अगस्त 2026 के दौरान स्थानीय पुलिस ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में शामिल समूहों के खिलाफ सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रही है।