न्यू डीपीएस स्कूल में रंगोली प्रतियोगिता के जरिए मना दिवाली का जश्न
भागलपुर के न्यू डीपीएस स्कूल में छात्रों ने रंगोली के जरिए बिखेरे दिवाली के रंग, डायरेक्टर अभिषेक आनंद ने बताया त्योहार का महत्व।

दिवाली की खुशियां अब स्कूलों में भी दस्तक देने लगी हैं। भागलपुर के नगर परिषद क्षेत्र के राजा बाजार में, सूर्यगढ़ा-सलेमपुर कनेक्टिंग रोड पर स्थित न्यू डीपीएस स्कूल में शुक्रवार को एक भव्य रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के जरिए न केवल बच्चों की रचनात्मकता को मंच मिला, बल्कि उन्हें हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं से भी रूबरू कराया गया।
स्कूल के डायरेक्टर और वार्ड पार्षद अभिषेक आनंद के नेतृत्व में आयोजित इस प्रतियोगिता में करीब 150 छात्रों ने बड़े उत्साह के साथ हिस्सा लिया। आयोजन को व्यवस्थित करने के लिए छात्रों को चार अलग-अलग समूहों—लाल, नीला, सफेद और हरा—में बांटा गया था। बच्चों ने अपनी कल्पना और रंगों के जादू से फर्श पर बेहद खूबसूरत आकृतियां उकेरीं, जिन्हें देखकर हर कोई दंग रह गया।
दिवाली का आध्यात्मिक महत्व और ज्ञान की रोशनी
प्रतियोगिता के दौरान डायरेक्टर अभिषेक आनंद और प्रोफेसर संजीव कुमार, बबबम कुमार, रवि शंकर, हिमांशु, भारत भूषण और अमित जैसे शिक्षकों ने बच्चों द्वारा बनाई गई रंगोलियों का निरीक्षण किया और उनकी मेहनत की सराहना की। इस मौके पर बच्चों को संबोधित करते हुए अभिषेक आनंद ने दिवाली के गहरे अर्थ समझाए। उन्होंने कहा कि दिवाली केवल दीपों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह 'प्रकाश' का उत्सव है और प्रकाश ही ज्ञान का प्रतीक है।
उन्होंने छात्रों को बताया कि सदियों से यह त्योहार अंधेरे पर रोशनी की जीत के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के बाद माता जानकी के साथ अयोध्या लौटने और रावण के अंत की कहानी साझा की। साथ ही, उन्होंने बताया कि इस दिन माता महालक्ष्मी, भगवान गणेश, विष्णु और कुबेर की पूजा की जाती है। उन्होंने समुद्र मंथन का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे देवी महालक्ष्मी और आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरि का प्राकट्य हुआ था। यह पूरा आयोजन कार्तिक अमावस्या के पावन अवसर पर मनाए जाने वाले इस महापर्व की तैयारी और उसकी समझ विकसित करने के लिए किया गया।