भागलपुर के लोदीपुर स्थित मंगलम रिसॉर्ट में 8 सितंबर 2026 को एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की प्रसिद्ध रचना 'भारत-भारती' के नए संस्करण का आधिकारिक रूप से विमोचन किया गया। इस नवीनतम संस्करण का संपादन जगद्गुरु रामानुचार्य श्री रामचंद्राचार्य परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज ने किया है।
- 8 सितंबर 2026 को लोदीपुर के मंगलम रिसॉर्ट में भव्य समारोह हुआ।
- भारत-भारती के नए संस्करण का आधिकारिक लॉन्च किया गया।
- संपादन जगद्गुरु रामानुचार्य श्री रामचंद्राचार्य परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज ने किया।
परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जिसकी रिपोर्ट रात 9:17 बजे IST पर आई थी। उन्होंने 'भारत-भारती' को तीन खंडों में रचित एक अनूठी विरासत बताया जो देश के गौरवशाली अतीत, वर्तमान और भविष्य का गहराई से वर्णन करती है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक सनातन संस्कृति का प्रतीक है और भारत माता की वंदना का अवतार बनकर देशभक्ति की भावना को प्रेरित करती है। संपादक के अनुसार, इस पाठ में रामायण और श्रीमद्भागवत गीता का सार समाहित है, जो हर पीढ़ी के लिए दिशात्मक मार्गदर्शन प्रदान करता है। वक्ताओं ने आगे विस्तार से बताया कि इस शीर्षक का अर्थ 'भारत' देश और 'भारती' देवी सरस्वती से है।
समारोह का औपचारिक उद्घाटन तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) और बी.एन. मण्डल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के कुलपति प्रो. (डॉ.) विमलेंदु शेखर झा ने किया। उनके साथ विधान पार्षद (एमएलसी) और सिंडिकेट सदस्य डॉ. संजीव कुमार सिंह भी मौजूद रहे। शिक्षा, कानून, अध्यात्म और साहित्य के क्षेत्रों से कई प्रमुख हस्तियां एक ही मंच पर एकत्रित हुईं। उन्होंने इस कृति की प्रशंसा करते हुए इसे सनातन संस्कृति और राष्ट्र भक्ति का एक उत्कृष्ट प्रतीक बताया।