भागलपुर में गंगा नदी में जहाज के शौचालय में प्रीमैच्योर प्रसव, नवजात की दर्दनाक मौत

MyBhagalpur Team16 October 20262 min read0 viewsSad/Bad
भागलपुर में गंगा नदी में जहाज के शौचालय में प्रीमैच्योर प्रसव, नवजात की दर्दनाक मौत

गंगा नदी में एक दर्दनाक घटना में गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को एक नवजात की मौत हो गई। यह घटना नौगछिया के साहू परबत्ता की रहने वाली 21 वर्षीय सुष्माता कुमारी के साथ हुई, जिन्हें जान्हवी चौक घाट नौगछिया से बियाडा घाट बरारी की ओर जहाज से यात्रा के दौरान अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। जहाज पर आपातकालीन चिकित्सा सुविधा न होने के कारण उन्हें जहाज के शौचालय में ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। बरारी घाट पर जहाज के पहुँचने पर, स्थानीय चिकित्सा शिविर में तैनात डॉक्टर रोशनी प्रसाद ने माँ और बच्चे की जाँच की। जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मायागंज अस्पताल) ले जाने से पहले ही प्रीमैच्योर जन्मे इस बच्चे की मौत हो चुकी थी। JLNMCH के डॉक्टरों ने बताया है कि इलाज के बाद सुष्माता कुमारी की हालत अभी स्थिर है।

छह दिन में दूसरी ऐसी दुखद घटना

यह घटना छह दिनों में दूसरी ऐसी त्रासदी है, जो नदी पार रहने वाले लोगों के लिए आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में गंभीर कमी को उजागर करती है। विक्रमशिला सेतु के लगातार बंद रहने के कारण गर्भवती महिलाओं और मरीजों सहित यात्रियों को नाव और जहाज के परिवहन पर भारी निर्भर रहना पड़ रहा है। लगभग 10 अक्टूबर 2026 को ऐसी ही एक घटना हुई थी, जब तत्काल चिकित्सा हस्तक्षेप के अभाव में SDRF मोटरबोट पर एक नवजात की मौत हो गई थी। इसके अतिरिक्त, 8 अक्टूबर 2026 को बियाडा घाट पर गंगा में एक नवजात का शव तैरता मिलने से प्रशासनिक लापरवाही को लेकर काफी चिंता बढ़ गई थी।

प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल

बिहार सरकार ने 7 अक्टूबर 2026 को प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जन्म और मृत्यु पंजीकरण के नए नियम पेश किए, लेकिन आलोचकों का कहना है कि ध्यान नौकरशाही की प्रक्रियाओं पर है, न कि नदी परिवहन पर चिकित्सा सुविधाओं की कमी को दूर करने पर। पुल के बंद रहने के दौरान आवागमन की सुविधा के लिए मुफ्त नाव सेवाओं और SDRF की तैनाती की वर्तमान व्यवस्था के बावजूद, बार-बार जान जाने की यह घटना नौगछिया और भागलपुर के बीच यात्रा करने वालों के लिए एक गंभीर मानवीय संकट को दर्शाती है।

MyBhagalpur की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel
Share:

Comments

Leave a comment