8 सितंबर 2026 को सबौर के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) नीतीश कुमार और अंचल अधिकारी (सीओ) दिव्या कुमारी ने सबौर प्रखंड कार्यालय परिसर में बने सामुदायिक रसोई केंद्रों की औचक जांच की। यह दौरा पंचायत सरकार भवन और स्थानीय हाई स्कूल मैदान के पास बने रसोई स्थलों तक भी गया, जिसका उद्देश्य चल रहे बाढ़ संकट से बेघर हुए लोगों को दी जा रही राहत सेवाओं की गुणवत्ता को देखना था। दौरे के दौरान बीडीओ कुमार और सीओ कुमारी ने पीड़ितों के लिए तैयार हो रहे खाने की गुणवत्ता की खुद जांच की। उन्होंने कैंप इंचार्ज और स्टाफ को सख्त निर्देश दिए कि वे अच्छी क्वालिटी का खाना समय पर परोसना सुनिश्चित करें।
पूरे बिहार में राज्य स्तर पर राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं; 6 सितंबर 2026 तक पूरे बिहार में सामुदायिक रसोई की संख्या बढ़कर 190 हो गई है, जो 12 जिलों में लगभग 2.51 लाख बाढ़ पीड़ितों की मदद कर रही है।
भागलपुर क्षेत्र में गंगा और कोसी नदियों के कारण भारी परेशानी बनी हुई है, जिससे स्थानीय प्रशासन की निगरानी भी लगातार जारी है। इस जांच से पहले 7 सितंबर 2026 को जिला पदाधिकारी अलंकृता पांडे, एसएसपी प्रमोद कुमार यादव और प्रभारी सचिव दीपक आनंद ने टीएनबी कॉलेजिएट ग्राउंड में राहत कार्यों की समीक्षा की थी। सबौर क्षेत्र में प्रशासन पहले भी सक्रिय रहा है, जिसके तहत सीओ दिव्या कुमारी ने 31 अगस्त 2026 को अंग्रेजी गांव का दौरा कर नदी के कटाव से हुए नुकसान का जायजा लिया था।
प्रशासन राहत शिविरों पर कड़ी नजर रख रहा है ताकि सभी मानक पूरे किए जा सकें। अधिकारियों ने पहले ही चेतावनी दी है कि बाढ़ सहायता देने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।