भागलपुर के परबत्ती में भव्य दुर्गा पूजा की जोरदार तैयारी शुरू

MyBhagalpur Team2 October 20262 min read0 viewsCity Local
भागलपुर के परबत्ती में भव्य दुर्गा पूजा की जोरदार तैयारी शुरू

भागलपुर के ऐतिहासिक परबत्ती इलाके में आगामी दुर्गा पूजा को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस इलाके में बुढ़िया काली मंदिर, दुर्गा मंदिर, मंसा मंदिर, कई शिवालय और ठाकुरबाड़ी स्थित हैं। परबatti दुर्गा पूजा समिति ने दुर्गा मूर्ति का निर्माण शुरू कर दिया है, जो सजावट के बाद लगभग 18 फीट ऊंची होती है और शहर की सबसे ऊंची मूर्तियों में से एक है। पूजा का यह उत्सव कलश स्थापना के साथ दस दिनों तक चलता है।

  • परबत्ती में लगभग 100 साल पुरानी है पूजा की परंपरा
  • 18 फीट ऊंची मूर्ति और भव्य विसर्जन जुलूस की है तैयारी
  • मेढ़पति परिवार पहले अर्पित करता है मां को खोंइचा

100 साल पुरानी परंपरा और पूजा के खास नियम

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मेढ़पति मनोज पुजारी के अनुसार, मंदिर में पूजा की शुरुआत कब हुई यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह लगभग 100 साल से देखी जा रही है। शुरुआत में देवी की पूजा पिंड के रूप में होती थी, जिसे उनके पिता ने जारी रखा। मूर्ति स्थापित करने की परंपरा 1981 में शुरू हुई, साथ ही दो कलश स्थापित करने की प्रथा भी शुरू हुई। एक लंबी परंपरा के अनुसार मेढ़पति परिवार अन्य भक्तों से पहले देवी को 'खोंइचा' अर्पित करता है, और अष्टमी पर चढ़ावे के लिए भारी भीड़ जुटती है।

विसर्जन जुलूस और प्रमुख आयोजनकर्ता

परबत्ती की मूर्तियां ऐतिहासिक रूप से शहर के विसर्जन जुलूस का नेतृत्व करती रही हैं, इस परंपरा को 1987 में दुर्गा पूजा महासमिति की स्थापना के साथ औपचारिक रूप दिया गया था। शुरुआत में इसमें 13 मूर्तियां थीं, और अब बढ़कर लगभग 30 हो गई हैं। यह रूट स्टेशन चौक से शुरू होता है, जो वैरायटी चौक, खलीफाबाग, कोतवाली, नया बाजार, बुढ़नाथ और आदमपुर से गुजरते हुए मुसहरी घाट पर समाप्त होता है। पूरी यात्रा में आमतौर पर 11 से 12 घंटे लगते हैं। इस आयोजन को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष रणवीर यादव, सूरज यादव, सुमित कुमार, मनीष शर्मा औरिक्की चौधरी जैसे प्रमुख सदस्य जुटे हैं।

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