फारबिसगंज में श्रद्धा भाव से मनाया गया पर्युषण महापर्व का दूसरा दिन

MyBhagalpur Team9 September 20261 min read22 viewsCity Local
फारबिसगंज में श्रद्धा भाव से मनाया गया पर्युषण महापर्व का दूसरा दिन

फारबिसगंज के तेरहपंथ भवन में बुधवार को पर्युषण महापर्व का दूसरा दिन स्वाध्याय दिवस के रूप में बहुत ही भक्ति भाव के साथ मनाया गया। अररिया से फूलेंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, इस मौके पर एक धार्मिक सभा का आयोजन किया गया जिसमें दो उपासकों ने स्वाध्याय के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी और वहां मौजूद सभी भक्तों से अपने अंदर झांकने और सुधार करने की अपील की।

इस खबर के मुख्य बिंदु:

  • फारबिसगंज के तेरहपंथ भवन में पर्युषण महापर्व का दूसरा दिन स्वाध्याय दिवस के रूप में मनाया गया।
  • धार्मिक सभा में दो उपासकों ने स्वाध्याय के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।
  • भक्तों से आत्मनिरीक्षण और सुधार करने की अपील की गई।

स्वाध्याय और आत्म-शुद्धिकर का महत्व

पर्युषण महापर्व आत्म-चिंतन और खुद के अंदर झांकने का एक खास त्योहार है। उपासकों ने बताया कि यह पर्व लोगों को बाहरी चमक-दमक से दूर रहकर अपनी आत्मा में बसने और खुद को पहचानने का मौका देता है। इस पर्व के दूसरे दिन को स्वाध्याय के लिए समर्पित करने का मुख्य उद्देश्य लोगों को धार्मिक किताबों के अध्ययन और खान-पान पर संयम के जरिए आत्मा की शुद्धि के लिए प्रेरित करना है।

उपासकों के विचार और धार्मिक बातें

उपासक भूपेंद्र बराड़िया ने जोर देकर कहा कि लोगों को नियमित रूप से धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करना चाहिए। इसके अलावा, प्रवक्ता और उपासक मुनिश जैन ने सभा को संबोधित किया और बहुत ही सरल तरीके से सम्यक दृष्टि यानी सही नजरिया और मिथ्या दृष्टि यानी गलत नजरिया के बारे में समझाया।

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