भागलपुर में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा मजबूत करने और यातायात व्यवस्था ठीक करने के लिए पुलिस और शिक्षण संस्थानों ने मिलकर योजना बनाई है। शनिवार को शहर के क्राइम एंड कंट्रोल कमांड बिल्डिंग के सभागार में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी विद्यालयों और डिग्री कॉलेजों के प्रधानाचार्यों के साथ एक महत्वपूर्ण संवाद बैठक की। इस बैठक में सिटी एसपी समेत पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
प्रमुख बातें
- स्कूल और कॉलेजों के पास बढ़ेगी पुलिस गश्ती
- स्कूल वाहनों के चालकों का होगा चरित्र सत्यापन
- छात्र-छात्राओं की सुरक्षा है पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक के दौरान विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के प्रधानाचार्यों ने अपने-अपने संस्थानों से जुड़ी समस्याओं को पुलिस कप्तान के सामने प्रमुखता से रखा। अधिकांश प्राचार्यों ने छात्र-छात्राओं, विशेषकर छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने मांग की कि स्कूल और कॉलेज के खुलने तथा छुट्टी होने के समय आसपास के क्षेत्रों में नियमित पुलिस गश्ती सुनिश्चित की जाए, ताकि मनचलों पर लगाम कसी जा सके।
प्रधानाचार्यों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने के बाद एसएसपी ने उन्हें हर संभव मदद और सुरक्षा का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने संबंधित थाना प्रभारियों को स्कूल-कॉलेजों के आसपास गश्ती तेज करने के निर्देश दिए।
यातायात और स्कूली वाहनों की सुरक्षा को लेकर एसएसपी ने प्रधानाचार्यों को सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। इसके लिए उन्होंने स्कूल प्रबंधन को विद्यालय में किसी भी वाहन को संबद्ध करने से पहले यह अनिवार्य रूप से जांचें कि चालक के पास वैध कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस है या नहीं। चालक को जिम्मेदारी सौंपने से पहले उसके चरित्र प्रमाण पत्र की गहन जांच की जाए। स्कूली वाहनों की यांत्रिक स्थिति और सुरक्षा मानकों की नियमित निगरानी की जाए। इस बैठक में मुख्य रूप से छात्र-छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था, शिक्षण संस्थानों के आसपास पुलिस की सक्रियता और स्कूली वाहनों के सुरक्षित परिचालन को लेकर विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई।