चौंकाने वाली खबर: ग्रामीणों के नाम पर फर्जी सिम बेचने वाला गिरफ्तार

भागलपुर में पुलिस ने साइबर अपराधियों को अवैध तरीके से सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तिलकामांझी थाना क्षेत्र के कचहरी चौक से एक पीओएस एजेंट को गिरफ्तार किया है, जो सीधे तौर पर साइबर ठगों को फर्जी सिम सप्लाई करता था।
- तिलकामांझी थाना क्षेत्र के कचहरी चौक से पीओएस एजेंट गिरफ्तार हुआ।
- ग्रामीणों के दस्तावेज और बायोमेट्रिक निशान लेकर 81 फर्जी सिम जारी किए गए।
- इन सिम कार्ड्स का इस्तेमाल देश भर में 122 साइबर ठगी में हुआ।
आरोपी की पहचान और ठगी का तरीका
साइबर थाना के डीएसपी विनय कुमार रंजन ने मंगलवार को प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान ईशाकचक थाना क्षेत्र के बरहपुरा निवासी मोहम्मद अब्दुल मतीन के रूप में हुई है। मतीन ग्रामीण इलाकों के सीधे-साधे लोगों को निशाना बनाता था। वह सिम कार्ड पोर्ट कराने के नाम पर ग्रामीणों के दस्तावेज और बायोमेट्रिक अंगूठे का निशान ले लेता था। उनकी जानकारी के बिना आरोपी ने पिछले छह महीनों में करीब 81 फर्जी सिम कार्ड जारी कर दिए थे।
साइबर ठगी में इस्तेमाल और गिरफ्तारी
पुलिस जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इन 81 सिम कार्ड्स का इस्तेमाल झारखंड और पश्चिम बंगाल के साइबर अपराधियों द्वारा किया जा रहा था। इन सिम नंबरों के जरिए अब तक देश भर में कुल 122 साइबर अपराध की घटनाओं को अंजाम दिया जा चुका है। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि वह अपने सहयोगी मोहम्मद अफताब की मदद से इन सिम कार्ड्स को एक्टिवेट करता था और फिर उन्हें ऊंचे दामों पर साइबर अपराधियों को बेच देता था। पुलिस ने इस मामले में साइबर थाना कांड संख्या 61/26 दर्ज कर मतीन को जेल भेज दिया है। डीएसपी ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों और उसके सहयोगी मोहम्मद अफताब की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।