भागलपुर में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शुक्रवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के 'बेचारा' वाले बयान पर पलटवार किया है। प्रशांत किशोर ने कहा कि वे इस बात से सहमत हैं क्योंकि 'बेचारा' का मतलब होता है जिसके पास कोई दूसरा विकल्प न हो। उन्होंने कहा कि उनके और उनके साथियों के पास बिहार को सुधारने के अलावा कोई विकल्प नहीं है और वे राज्य को अनपढ़ और क्रिमिनल नेतृत्व के भरोसे नहीं छोड़ सकते।
- प्रशांत किशोर ने सम्राट चौधरी को अनपढ़ और क्रिमिनल मंत्री कहा
- कहा कि जदयू अब नीतीश कुमार के बजाय अमित शाह के नियंत्रण में है
- बिहार में शिक्षा, बदलाव और रोजगार पर हो रही है चर्चा
प्रशांत किशोर ने विशेष रूप से सम्राट चौधरी को निशाना बनाया और उन्हें अनपढ़ और क्रिमिनल मंत्री करार दिया। उन्होंने दावा किया कि राज्य ऐसे लोगों के हाथों में नहीं सौंपा जा सकता है। राजनीतिक हालात पर बात करते हुए प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि जनता दल (यूनाइटेड) अब नीतीश कुमार द्वारा नहीं चलाई जा रही है, बल्कि इसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा नियंत्रित किया जा रहा है। उन्होंने शाह के तहत पार्टी नेताओं को मज़ाक में 'बंदमरु' यानी कठपुतली कहा जो दिशा-निर्देशों का पालन करते हैं। ये दावे प्रशांत किशोर द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
प्रशांत किशोर इन दिनों आगामी विधान परिषद चुनावों को लेकर जन सुराज कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करने के लिए राज्य का दौरा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार में राजनीतिक चर्चा का रुख अब शिक्षा, बदलाव और रोजगार की ओर मुड़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2025 में सरकार ने राजनीतिक माहौल को बदलने के लिए 10,000 रुपये प्रति वोट की दर से वोट खरीदे। उन्होंने आगे दावा किया कि हालांकि भाजपा ने अपनी पिछली चुनावी सफलता के बाद एनकाउंटर, जाति और हत्या जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश की थी, लेकिन जन सुराज ने बातचीत का रुख सफलतापूर्वक वापस शिक्षा और रोजगार पर मोड़ दिया है। उनका कहना है कि यही बिहार के भविष्य के मुख्य राजनीतिक मुद्दे बने रहेंगे।