अहंकार मनुष्य के पतन की जड़ है: कहलगांव में कथा वाचिका प्रीति किशोरी

कहलगांव के सनोखर स्थित काली मंदिर परिसर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा वाचिका प्रीति किशori ने कहा कि अहंकार मनुष्य के पतन की मुख्य जड़ है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अहंकार त्यागने का आह्वान करते हुए कहा कि यह आध्यात्मिक प्रगति में बाधा है और व्यक्ति को पद या शक्ति के घमंड की बजाय विनम्रता और भक्ति को अपनाना चाहिए।
- कथा वाचिका प्रीति किशोरी ने गजेंद्र मोक्ष, राजा बलि और भक्त प्रह्लाद की कथाएं सुनाईं
- राजा बलि की कथा के माध्यम से अहंकार के दमन का वर्णन किया गया
- भक्त प्रह्लाद के प्रसंग से दिखाया गया कि सच्ची आस्था हर विपरीत परिस्थिति से पार पा सकती है
- गजेंद्र मोक्ष की कथा ने ईश्वरीय कृपा और भगवान के प्रति समर्पण के महत्व को उजागर किया