अहंकार मनुष्य के पतन की जड़ है: कहलगांव में कथा वाचिका प्रीति किशोरी

MyBhagalpur Team20 September 20261 min read1 viewCity Local
अहंकार मनुष्य के पतन की जड़ है: कहलगांव में कथा वाचिका प्रीति किशोरी

कहलगांव के सनोखर स्थित काली मंदिर परिसर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा वाचिका प्रीति किशori ने कहा कि अहंकार मनुष्य के पतन की मुख्य जड़ है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अहंकार त्यागने का आह्वान करते हुए कहा कि यह आध्यात्मिक प्रगति में बाधा है और व्यक्ति को पद या शक्ति के घमंड की बजाय विनम्रता और भक्ति को अपनाना चाहिए

  • कथा वाचिका प्रीति किशोरी ने गजेंद्र मोक्ष, राजा बलि और भक्त प्रह्लाद की कथाएं सुनाईं
  • राजा बलि की कथा के माध्यम से अहंकार के दमन का वर्णन किया गया
  • भक्त प्रह्लाद के प्रसंग से दिखाया गया कि सच्ची आस्था हर विपरीत परिस्थिति से पार पा सकती है
  • गजेंद्र मोक्ष की कथा ने ईश्वरीय कृपा और भगवान के प्रति समर्पण के महत्व को उजागर किया

भक्तिमय माहौल और झांकियां

इस आयोजन के दौरान श्रद्धालु भावुक कथा और भगवान के विभिन्न रूपों को दर्शाने वाली मनमोहक झांकियों के प्रदर्शन से मंत्रमुग्ध हो गए। मंदिर परिसर भजनों और संगीतमय कथावाचन से भक्तिमय माहौल से सराबोर नजर आया। इस कार्यक्रम में मुख्य योजक चंद्र देव यादव, रॉकी केसरी, उदय यादव, विजय यादव और जवाहर कुमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

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