बिहार के खगड़िया में गुरुवार को अखिल भारतीय किसान सभा, अखिल भारतीय खेत और ग्रामीण मजदूर यूनियन तथा सीटू सहित विभिन्न संगठनों ने संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आह्वान पर एक विरोध मार्च निकाला।
- प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की और प्रधानमंत्री तथा गृहमंत्री के पुतले फूंके।
- यह मार्च सीपीआईएम जिला कार्यालय से शुरू हुआ, बीएसएनएल कार्यालय तक गया और अस्पताल चौक पर समाप्त हुआ।
अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य संयुक्त सचिव संजय कुमार ने बताया कि यह विरोध प्रदर्शन मूल रूप से 23 अक्टूबर को तय किया गया था, लेकिन कोसी स्नातक विधान परिषद चुनाव के कारण इसे टाल दिया गया था। कुमार ने मोदी सरकार पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को दबाने के लिए पुलिस और गुंडों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और इसकी तुलना औपनिवेशिक काल के दमन से की।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। इसके साथ ही, उन्होंने नई एसवीईएइपी (SVEEP) कसौटी पर आधारित मौजूदा मतदाता सूची से कराए गए चुनावों को रद्द करने की मांग की। उन्होंने चुनाव आयोग की नियुक्ति के पुराने कानून को बहाल करने की भी मांग की, जिसमें प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश शामिल थे। आयोजकों ने घोषणा की कि खगड़िया से सैकड़ों लोग 1 नवंबर को दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की रामलीला रैली में भाग लेंगे।
इस प्रदर्शन में सुरेंद्र प्रसाद महतो, हरेराम चौधरी, विनय कुमार सिंह, नवीन चौधरी, रामविनय सिंह, विजय कुमार सिंह, संजीव कुमार, नीतू देवी, कुंदन मेहता, अनिल वर्मा, शिवजी महतो, अजहर अंजुम, मिथलेश केसरी, अमर कुमार यादव, राजेंद्र वर्मा, रामविलास वर्मा, माला देवी, सरवन साह, रजनीश कुमार, मंजीत कुमार, अमरेश कुमार, सुरेंद्र पासवान, सचिदानंद सिंह, भीम साह, राजगीर सिंह, राजकिशोर राम, मुरारी सिंह और सुरेंद्र सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे।