पूर्णिया में त्योहारी मिठाइयों की मांग बढ़ी, साफ-सफाई और मिलावट पर चिंता

त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक की मिठाई की दुकानें सज गई हैं। बाजार में मिठाइयों की मांग काफी बढ़ गई है। लेकिन इसके साथ ही बाजार में मिलने वाली मिठाइयों की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर चिंताएं भी गहरी हो गई हैं।
मधुबनी बाजार, भट्टा बाजार, खुश्कीबाग, गुलाबबाग, जनता चौक और लाइन बाजार जैसे प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों के अलावा शहर भर में सड़कों के किनारे और फुटपाथ पर अस्थायी मिठाई की दुकानें लग गई हैं। रिपोर्टों से पता चलता है कि इनमें से कई दुकानें खुले में मिठाइयां बेच रही हैं, जहां खाने की चीजों पर धूल जम जाती है और आसपास मक्खियां भिनभिनाती रहती हैं। मिठाइयां ढकी न होने के कारण इनमें गंदगी फैलने का बहुत खतरा रहता है।
स्वास्थ्य पर असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी है कि धूल और कीटाणुओं के संपर्क में आने वाली खाने की चीजें खाने से पेट की बीमारियां बढ़ सकती हैं। त्योहारी सीजन में मिठाइयों का बड़े पैमाने पर उत्पादन और भंडारण होता है, इसलिए विशेषज्ञों का कहना है कि गुणवत्ता और साफ-सफाई पर कड़ी नजर रखना बहुत जरूरी है। खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार मिठाई बनाने, रखने और बेचने के दौरान पूरी साफ-सफाई रखनी चाहिए।
सुरक्षा के उपाय
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों की सलाह है किखरीदारी से पहले ग्राहकों को मिठाइयों की ताज़गी, रंग, खुशबू और दुकान की साफ-सफाई जरूर देख लेनी चाहिए। साथ ही, प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग से लगातार जांच अभियान चलाने की मांग की जा रही है। अधिकारियों को सैंपल लेकर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करनी चाहिए ताकि मिलावट रोकी जा सके और लोगों की सेहत की रक्षा हो सके।