भागलपुर में राघोपुर-काजीकुरेया तटबंध पर 150 मीटर कटाव

भागलपुर के नौगछिया में राघोपुर-काजीकुरेया तटबंध पर 150 मीटर का खतरनाक कटाव हुआ है जिससे हड़कंप मच गया है। गंगा नदी तेजी से खरीक ब्लॉक की राघोपुर पंचायत में फैल रही है जहां ऊर्जा मंत्री बुलु मंडल का घर भी है। इस कटाव से राघोपुर में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है।
- जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने गुरुवार दोपहर को तटबंध की मरम्मत का जायजा लिया।
- जिलाधिकारी ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को बाढ़ से निपटने के लिए कड़े निर्देश दिए।
- सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
- एसडीआरएफ लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा रही है और लाउडस्पीकर से प्रचार किया जा रहा है।
राघोपुर में प्रशासन की राहत और बचाव तैयारी
आपदा प्रबंधन विभाग ने गुरुवार को राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। एसडीआरएफ (SDRF) निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही है, जबकि प्रशासन रेलवे क्रॉसिंग और तटबंध के पास शरण लेने वाले लोगों को हटाने के लिए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल कर रहा है। काजीकुरेया तटबंध पर कटाव बढ़ने के बाद रेलवे क्रॉसिंग पर दबाव बढ़ गया है, जिससे प्रशासन इस ढांचे को सुरक्षित करने और बाढ़ के पानी को नौगछिया की ओर बढ़ने से रोकने में जुटा है। तेज धाराओं और कटाव स्थल पर भंवर बनने के कारण मरम्मत के काम में रुकावट आ रही है।
रविवार से शुरू हुआ था तटबंध का टूटना
150 मीटर के ढहने से पहले, रविवार रात को तटबंध का 20 मीटर हिस्सा कट गया था, जिससे पानी राघोपुर गांव में घुस गया था। शुरुआती मरम्मत के बावजूद, इसके बाद 30 मीटर का हिस्सा और ढह गया। अधिकारियों ने अब बताया है कि नदी ने 100 मीटर का अतिरिक्त हिस्सा अपने कब्जे में ले लिया है, और कटे हुए हिस्से के दोनों तरफ जमीन धंसने की गंभीर घटना देखी गई है। प्रशासन राघोपुर में एक राहत शिविर चला रहा है।
गंगा नदी का जलस्तर और अधिकारियों का बयान
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, कुछ जगहों पर गंगा का जलस्तर स्थिर हुआ है। पिछले 24 घंटों में भागलपुर में जलस्तर केवल 5 सेमी बढ़कर 33.52 मीटर पर पहुंच गया। कहलगांव में जलस्तर 31.91 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इस्माइलपुर में 12 सेमी की बढ़ोतरी हुई। सुल्तानगंज में गंगा 35.97 मीटर पर दर्ज की गई, जो खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
कुंदन कुमार, अपर जिला कलेक्टर (आपदा प्रबंधन) ने बताया कि राघोपुर में स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है क्योंकि कटाव 150 मीटर तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि पूरा प्रशासनिक अमला और बाढ़ से लड़ने वाली टीम राहत कार्यों में जुटी हुई है।