भागलपुर और नवगछिया में सुरक्षा को लेकर एक हाईलेवल समीक्षा बैठक की गई। इस बैठक में रेल आईजी पंकज कुमार राज ने अधिकारियों को कई कड़े निर्देश दिए। बैठक से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं: - भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाने का आदेश - महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा पर विशेष जोर - डायल-112 और पुलिस दीदी योजना को मजबूत करना - वारंट और कुर्की की कार्रवाई में तेजी लाना - सोशल मीडिया पर अफवाहों से सख्ती से निपटना
इंस्पेक्टर जनरल (रेल) पंकज कुमार राज ने शनिवार को भागलपुर में भागलपुर और नवगछिया जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। यह बैठक बढ़ती सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के लिए बुलाई गई थी। निर्देश के तहत
स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और प्रमुख बाजारों जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। इसमें विशेष रूप से छात्राओं और कामकाजी महिलाओं द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले रास्तों पर ध्यान दिया गया है। आईजी राज ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस की मौजूदगी केवल फाइलों या थानों तक सीमित रहने के बजाय जमीन पर साफ दिखनी चाहिए। इसके साथ ही सुरक्षा कवरेज को पर्यटन स्थलों और उनके आने-जाने वाले रास्तों तक भी बढ़ाया गया है।
नई सुरक्षा रणनीति का एक मुख्य हिस्सा
'डायल-112' आपातकालीन सेवा को बेहतर बनाना और 'पुलिस दीदी' पहल को मजबूत करना है। इससे महिलाओं और लड़कियों को बिना किसी झिझक के अपनी शिकायतें दर्ज कराने में मदद मिलेगी। आईजी राज ने पुष्टि की कि वरिष्ठ अधिकारी महिलाओं को निशाना बनाने वाले अपराधों के खिलाफ की गई कार्रवाई की व्यक्तिगत रूप से निगरानी और समीक्षा करेंगे। इसके अलावा, अधिकारियों को लंबित गिरफ्तारी वारंट और संपत्ति कुर्की के अमल में तेजी लाने का आदेश दिया गया है। साथ ही, स्थानीय नार्कोटिक्स तस्करी नेटवर्क को खत्म करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू करने को कहा गया है। लंबे समय से चल रहे मामलों के त्वरित समाधान के लिए जवाबदेही तय की गई है, जिसमें छोटे अपराधों से ध्यान हटाकर आपराधिक गतिविधियों के मूल कारणों को निशाना बनाया जा रहा है।
बैठक में कठोर सोशल मीडिया निगरानी की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। पुलिस को यह निर्देश दिए गए हैं कि
सार्वजनिक तनाव को रोकने के लिए गुमराह करने वाली खबरों और अफवाहों पर तुरंत तथ्य-आधारित प्रतिक्रिया दी जाए। इसके अलावा, जनता का विश्वास बढ़ाने के लिए सकारात्मक पुलिस गतिविधियों को सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर किया जाएगा। आईजी राज ने बैठक के अंत में सभी थाना प्रभारियों और पुलिसकर्मियों से आग्रह किया कि वे जनता और कानून प्रवर्तन के बीच की दूरी को पाटने के लिए संवेदनशील, विनम्र और नागरिक-अनुकूल रवैया अपनाएं।