श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेले के दौरान रानीगंज विधायक अविनाश मंगलम के भाई धनंजय कुमार के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। धनंजय कुमार ने रानीगंज थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। - घटना 6 सितंबर को रात करीब 10:30 बजे जमुना घाट मेले की है। - विधायक के भाई ने नवनीत यादव, राजू सिंह और 4-5 अन्य लोगों पर मारपीट का आरोप लगाया है। - पुलिस कार्रवाई पर विधायक ने गंभीर सवाल उठाए हैं।
धनंजय कुमार ने बताया कि वे और विधायक मंगलम 6 सितंबर को रात करीब 10:30 बजे जमुना घाट मेले में पहुंचे थे। विधायक मंदिर के पीछे एक सामुदायिक रसोई में खाना खाने गए थे, जबकि धनंजय अपनी स्कोर्पियो गाड़ी के पास ही रुके थे। धनंजय का आरोप है कि नवनीत यादव, राजू सिंह और चार-पांच अन्य लोग वहां आए और गाड़ी पार्क करने को लेकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने लगे।
जब धनंजय ने विरोध किया और खुद को विधायक का भाई बताया, तो उनका दावा है कि नवनीत यादव आक्रामक हो गया। उसने कथित तौर पर उनके सिर पर पिस्तौल तान दी और जातिसूचक गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी।
शिकायत में आगे कहा गया है कि एक पुलिस गश्ती दल मौके पर पहुंचा और उसने पहले नवनीत यादव को हिरासत में लिया, लेकिन बाद में उसे मौके पर ही छोड़ दिया। विधायक अविनाश मंगलम ने इस मामले में पुलिस के कामकाज की सार्वजनिक रूप से आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि संदिग्धों को पुलिस की गाड़ी में बैठाया गया था, लेकिन थोड़ी ही देर बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
विधायक ने पुलिस के इस आचरण पर गंभीर चिंता जताई है और पुष्टि की है कि उन्होंने इस घटना की जानकारी जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को दे दी है।
एसडीपीओ सुशील कुमार ने पुष्टि की है कि धनंजय कुमार की शिकायत पर रानीगंज थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि जांच के परिणामों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। आरोपों के जवाब में नवनीत यादव ने मारपीट के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका दावा है कि उनके ड्राइवर और विधायक के भाई के बीच केवल एक मौखिक कहासुनी हुई थी।