भागलपुर के नाथनगर ब्लॉक में स्थित रन्नूचक दुर्गा मंदिर में पारंपरिक शारदीय नवरात्रि के अनुष्ठान चल रहे हैं, जो इस जगह पर 150 सालों से चले आ रहे हैं। पहले दिन से लेकर दशमी तक चलने वाले इन आयोजनों में मुख्य पुजारी कपिलदेव के साथ अमोद, मंजीत और अमित सहित पांच ब्राह्मण पुजारियों के मार्गदर्शन में दुर्गा सप्तशती का पाठ और वैदिक मंत्रोच्चार किया जा रहा है।
- 150 साल पुरानी परंपरा: रन्नूचक दुर्गा मंदिर में चल रहे पारंपरिक शारदीय नवरात्रि के अनुष्ठान।
- विशेष पूजा और अनुष्ठान: पांच ब्राह्मण पुजारियों द्वारा दुर्गा सप्तशती का पाठ और वैदिक मंत्रोच्चार।
- प्रशासनिक दिशा-निर्देश: विसर्जन जुलूस में डीजे पर पूरी तरह से प्रतिबंध और लाइसेंस लेना अनिवार्य।
इन वार्षिक संस्कारों का आयोजन रन्नूचक पूजा समिति द्वारा किया जा रहा है, जिसकी अगुवाई अध्यक्ष सुदर्शन राम, सचिव अमित राम और कोषाध्यक्ष मंजीत कर रहे हैं। इस आयोजन की व्यवस्था और साजो-सामान में समिति के सदस्य बंधीगोर चौधरी, अमरजीत, मिलेश, गोपाल राम और संजीव रॉय अपना सहयोग दे रहे हैं।
भागलपुर में इस साल के जश्न कड़े प्रशासनिक नियंत्रण में मनाए जा रहे हैं।
7 अक्टूबर 2026 को जिला मजिस्ट्रेट सह जिला कलेक्टर श्रीमती अलंकृता पांडे और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री प्रमोद कुमार यादव ने सुरक्षा और संरक्षा के नियम तय करने के लिए जिला शांति समिति की बैठक की अध्यक्षता की। अधिकारियों ने विसर्जन जुलूस के दौरान डीजे पर पूरी तरह से रोक लगाने का आदेश दिया है और सभी समूहों के लिए जुलूस के वास्ते आधिकारिक लाइसेंस लेना जरूरी किया है। ये कदम पूरे जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हैं, क्योंकि नौगछिया के ऐतिहासिक टेटरी दुर्गा मंदिर और इलाके की अन्य जगहों पर भी त्योहार मनाया जा रहा है।