भागलपुर में राष्ट्रीय जनता दल के द्वारा सबौर प्रखंड मुख्यालय परिसर में एक दिवसीय विशाल धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। यह प्रदर्शन सबौर और नाथनगर प्रखंड में आई भीषण बाढ़ से उत्पन्न समस्याओं और पीड़ितों को राहत न मिलने के विरोध में किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता राजद के निवर्तमान प्रखंड अध्यक्ष सुमंत यादव ने की। कार्यक्रम में नाथनगर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी सह राजद नेता शेख ज्याउल हसन उर्फ जेड हसन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
नाथनगर और सबौर की बाढ़ पीड़ित जनता के साथ लगातार अन्याय और दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। लोग अपने घर-द्वार छोड़कर बांधों, ऊंचे स्थानों और शिविरों में शरण लिए हुए हैं, लेकिन इस बरसात के मौसम में भी उन्हें प्रशासन की ओर से पॉलिथीन सीट तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। आपदा पीड़ितों को मदद पहुंचाने में यह सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। राज्य के खजाने पर पहला हक आपदा पीड़ितों का होता है, लेकिन सबौर में जीआर राशि के वितरण में भारी अनियमितता बरती गई है। अब तक सबौर के मात्र 14 हजार लोगों को ही जीआर की राशि मिल सकी है, जबकि वास्तविक पीड़ितों की संख्या इससे कहीं अधिक है। अभी भी कम से कम 40 फीसदी वास्तविक बाढ़ पीड़ितों के खातों में राशि भेजी जानी बाकी है। बाढ़ का पानी निकलने के बाद भी प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य शिविर, ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव जैसी बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं नदारद हैं।
राजद नेता सौरभ यादव ने स्थानीय प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रखंड मुख्यालय में बिचौलियों का राज चल रहा है।
बाढ़ पीड़ितों को मिलने वाली 7000 रुपये की सहायता राशि के बदले बिचौलिए 3000 रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। उन्होंने जिला और प्रखंड प्रशासन से मांग की कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए और बिचौलियों पर लगाम लगाकर वास्तविक पीड़ितों को उनका हक दिया जाए। वरिष्ठ राजद नेता शिशुपाल भारती ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल हमेशा से पिछड़ों, दलितों और कमजोर वर्ग के अधिकारों की लड़ाई लड़ता रहा है। नाथनगर और सबौर के बाढ़ पीड़ितों के हक के लिए पार्टी सड़क पर उतरी है और यह लड़ाई न्याय मिलने तक जारी रहेगी। इस एक दिवसीय धरने में मुख्य रूप से राजद के जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर यादव, वरिष्ठ नेता भोपाली यादव, धनेश्वर मंडल, बालकुमार यादव, लालू यादव, सुजीत यादव, प्रिंस कुमार, मोहम्मद अली, नियाज जफर सहित विभिन्न पंचायतों के राजद अध्यक्ष, स्थानीय जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से आए पीड़ित ग्रामीण मौजूद थे।