भागलपुर सर्किट हाउस में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान वरिष्ठ राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता, पूर्व मंत्री और प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश पासवान ने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है। पासवान ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की धीमी रफ्तार की निंदा की और राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था की आलोचना की। बाढ़ के आंकड़े देते हुए पासवान ने बताया कि भागलपुर के 13 ब्लॉकों—खास तौर पर रंगरा चौक, गोपालपुर, इस्माइलपुर, सबौर, खरीक, सुल्तानगंज, नाथनगर, कहलगांव, पीरपैंती और बिहपुर—की 70 से 90 प्रतिशत आबादी प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि बाढ़ का पानी 111 से ज्यादा गांवों और पंचायतों में घुस गया है, जिससे लगभग 9.50 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आगे दावा किया कि दो लाख परिवारों के घर उजड़ गए हैं और हजारों एकड़ खरीफ फसल बर्बाद हो गई है।
पासवान ने मांग की कि सरकार युद्ध स्तर पर सूखा राशन, पॉलीथिन शीट और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराए। कानून व्यवस्था के संकट पर बात करते हुए उन्होंने महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और दरभंगा तथा जमुई की हालिया घटनाओं का हवाला दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन का हत्या, डकैती और बलात्कार जैसे अपराधों पर से नियंत्रण खत्म हो गया है।
यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) के संबंध में पासवान ने सरकार से आग्रह किया कि वह राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के बजाय बाढ़ पीड़ितों के आंसू पोछने और फसल के नुकसान का मुआवजा देने पर ध्यान केंद्रित करे। उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि आगामी कोसी ग्रेजुएट एमएलसी निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव आरजेडी समर्थित उम्मीदवार जीतेगा, और आरोप लगाया कि पिछले चुनावों में फर्जी मतदाताओं द्वारा धांधली की गई थी। इस प्रेस कांफ्रेंस में कई आरजेडी अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें निवर्तमान जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर प्रसाद यादव, पूर्व नाथनगर विधानसभा उम्मीदवार मोहम्मद जैद हसन, वरिष्ठ नेता शिशुपाल भारती, निवर्तमान शहर युवा अध्यक्ष डॉ. प्रवीण कुमार, और युवा नेता मंगल महतो तथा पीयूष कुमार शामिल थे।