सहरसा-मानसी खंड पर ROB निर्माण से ट्रेनें लेट

सहरसा-मानसी खंड पर रेलवे गेट और आरओबी निर्माण कार्य के कारण मंगलवार को छह ट्रेनें काफी देर से चलीं। इस काम के कारण यात्रियों को परेशानी हुई और ट्रेनों की गति भी सीमित कर दी गई है।
- सिमरी बख्तियारपुर-कोपरिया खंड और बैजनाथपुर-मठिया के बीच आरओबी निर्माण का काम हुआ।
- छह ट्रेनों के परिचालन पर असर पड़ा और वे घंटों देरी से चलीं।
- ट्रेनों की गति सीमा 30 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है।
किन ट्रेनों पर पड़ा असर
पूर्णिया कोर्ट से अमृतसर जाने वाली जनसेवा एक्सप्रेस को सोनवर्षा कचहरी के पास रोका गया। यह ट्रेन सिमरी बख्तियारपुर और कोपरिया के बीच एक घंटा 33 मिनट लेट हुई। समस्तीपुर जाने वाली मेमू ट्रेन (63343) सहरसा जंक्शन से एक घंटा 30 मिनट की देरी से खुली। समस्तीपुर से आने वाली पैसेंजर ट्रेन (55566) सहरसा जंक्शन तीन घंटे 43 मिनट की देरी से पहुंची। इसके बाद, इसकी लिंक ट्रेन (55569) जो पूर्णिया कोर्ट जाती है, वह तय समय से चार घंटे लेट हो गई। यह ट्रेन पूर्णिया कोर्ट अपने बदले समय से भी एक घंटा 20 मिनट से ज्यादा देरी से पहुंची। इसके अलावा, पूर्णिया कोर्ट से खुलने वाली पाटलिपुत्र स्पेशल ट्रेन, जिसे एक घंटा 20 मिनट पुनर्निर्धारित किया गया था, वह भी सहरसा एक घंटा 45 मिनट की देरी से पहुंची।
गति पर लगी रोक और समय
आरओबी गर्डर लॉन्चिंग के काम को पूरा करने के लिए, अधिकारियों ने सिमरी बख्तियारपुर-कोपरिया लाइन पर किलोमीटर संख्या 23/1 और 23/4 के बीच गति प्रतिबंध लगा दिया है। इस 100 मीटर के दायरे में अब ट्रेनें 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ही चल सकती हैं। यह गति प्रतिबंध रोजाना 12 घंटे के लिए सुबह 5:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक लागू किया गया है। इसी तरह का 30 किलोमीटर प्रति घंटे का गति प्रतिबंध मठिया के पास भी चल रहे आरओबी निर्माण कार्य के कारण लगाया गया है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि गर्डर लॉन्चिंग प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा के लिए ये कदम उठाना जरूरी था। हालांकि यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी, लेकिन अधिकारियों ने यह भी कहा कि आरओबी के बन जाने से इस क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।