त्योहारों का समय पास आ रहा है और दुर्गा पूजा, दिवाली तथा छठ पर्व को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ ने अपनी सुरक्षा और जागरूकता अभियान को बहुत तेज कर दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य यात्रियों को नशा खुरान गिरोह और दूसरे आपराधिक मामलों से बचाना है।
आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार के नेतृत्व में, विभाग किऊल स्टेशन और दूसरे क्षेत्रीय स्टेशनों पर पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम का उपयोग कर रहा है जिससे आने-जाने वाले लोगों को सफर में सुरक्षा के नियमों की जानकारी दी जा सके।
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हरियाणा और पंजाब जैसे बड़े शहरों से प्रवासी मजदूरों के अपने घर वापस लौटने की उम्मीद है, इसलिए आरपीएफ के जवान स्टेशन परिसर और ट्रेनों के अंदर बहुत सतर्कता बरत रहे हैं। सुरक्षा टीमें संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं और जरूरत पड़ने पर लोगों से पूछताछ भी कर रही हैं।
यात्रियों को यह खास चेतावनी दी जा रही है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति से खाने-पीने की कोई भी चीज न लें। आरपीएफ यात्रियों से अपील कर रही है कि वे अपने सामान को लेकर पूरी तरह सतर्क रहें और कुछ भी संदिग्ध दिखने पर तुरंत आरपीएफ कर्मियों या ट्रेन में मौजूद एस्कॉर्ट टीमों को इसकी जानकारी दें। इसके अलावा, यात्रियों को यह सलाह दी गई है कि सफर के दौरान किसी भी परेशानी में मदद पाने के लिए वे रेलवे के आधिकारिक सहायता माध्यमों और 'रेल मदद' ऐप का उपयोग करें ताकि अपनी शिकायत दर्ज करा सकें। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आने वाले त्योहारों के दौरान घर लौटने वाले परिवारों को एक सुरक्षित यात्रा का अनुभव देना है।