भागलपुर के नाथनगर प्रखंड के बेलसिरा गाँव में गुरुवार को महिला सशक्तिकरण जिला केंद्र की तरफ से 'सखी वार्ता' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय महिलाओं और किशोरियों को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर जानकारी दी गई।
- बाल विवाह रोकने पर विशेष जोर दिया गया और इसके बुरे प्रभावों के बारे में बताया गया।
- सरकारी योजनाओं और वित्तीय साक्षरता की पूरी जानकारी दी गई।
- साइबर अपराध से बचने के उपाय और डिजिटल लेनदेन में सावधानी बरतने को कहा गया।
जिला मिशन समन्वयक तबरेज खान ने बाल विवाह के सामाजिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य और आर्थिक परिणामों पर विस्तार से बात रखी। खान ने जोर देकर कहा कि इस प्रथा को खत्म करने के लिए परिवारों और समाज की सक्रिय भागीदारी बहुत जरूरी है। उन्होंने बाल विवाह की आशंका होने पर इसकी सूचना तुरंत सही अधिकारियों को देने के बारे में भी बताया।
वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ अभिषेक सुमन ने महिलाओं को सशक्त बनाने वाली अलग-अलग सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, मिशन शक्ति, वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन-181 जैसी योजनाओं के बारे में बताया गया। इसके अलावा, सत्र में वित्तीय साक्षरता, सुरक्षित बैंकिंग और साइबर अपराध व ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से बचने के तरीकों पर भी बात की गई और डिजिटल तथा बैंकिंग लेनदेन में जरूरी सावधानियां समझाई गईं।
इस कार्यक्रम में मुक्ति निकetan संस्था का सहयोग रहा और ब्लॉक समन्वयक शशि कुमार मेहता ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं और ग्रामीण शामिल हुए। 'सखी वार्ता' पहल के जरिए आयोजकों का मकसद महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है, साथ ही समाज में बाल जैसी सामाजिक कुप्रथाओं के खिलाफ लोगों को एकजुट करना है।