भागलपुर के गोपालपुर में बाढ़ से भारी तबाही, देखिए कैसे फंसे लोग

गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से भागलपुर जिले के गोपालपुर प्रखंड की तिनटंगा करारी पंचायत में भारी बाढ़ आ गई है। तिनटंगा करारी गांव पूरी तरह डूब गया है और अधिकांश घरों में चार से पांच फीट बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे परिवार बेघर हो गए हैं। विस्थापित लोग खुले आसमान के नीचे सड़कों और ऊंचे तटबंधों पर शरण लेने को मजबूर हैं और सत्तू तथा चूड़ा खाकर गुजर-बसर कर रहे हैं।
बाढ़ से प्रभावित झमिया देवी, सुशीला देवी और परो दास ने बताया कि पिछले एक हफ्ते से उनके घरों में पानी भरा हुआ है। उन्होंने अंचल अधिकारी (CO) के उस वादे पर नाराजगी जताई जिसमें उन्होंने दो-तीन दिन पहले इलाके का दौरा कर तुरंत प्लास्टिक शीट और पॉलिथीन देने का भरोसा दिया था। अब तक किसी भी परिवार को यह सामान नहीं मिला है, जिससे वे धूप और बारिश में बेहाल हैं।
पूर्व सरपंच शंभू यादव ने बताया कि पिछले पांच-छह सालों में यहां आई यह सबसे भीषण बाढ़ है। प्रशासन ने मंगलवार शाम से सामुदायिक रसोई शुरू कर दी है, लेकिन राहत केंद्र बनाए गए स्कूल गहरे पानी से घिरे हुए हैं। इससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को खाना लेने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर बाढ़ के पानी से गुजरना पड़ रहा है।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद अनिल यादव ने स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि तिनटंगा करारी, तिरसी, डुमरिया, कालूचक, पकड़ी टोला और बोचाही दियारा गांव टापू बन गए हैं और हजारों लोग प्रखंड मुख्यालय से कट गए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से युद्ध स्तर पर राहत अभियान चलाने की मांग की है।
अनिल यादव ने तुरंत मुफ्त प्लास्टिक शीट, पका हुआ पौष्टिक भोजन और नवजात बच्चों के लिए दूध देने की मांग की। उन्होंने बार-बार बिजली जाने और 'हर घर नल का जल' योजना फेल होने की भी आलोचना की, जिससे लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं और बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। पूर्व सांसद ने कहा कि वे पीड़ितों की मदद की मांग और क्षेत्र के लिए तुरंत सहायता सुनिश्चित करने के लिए उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेताओं से मिलेंगे।