भागलपुर के शहीद द्वार की हालत बहुत खराब हो गई है। साल 2024 में तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट मिथिलेश मिश्रा के नेतृत्व में एक पहल की गई थी। इसके तहत सफाई और शहर की सुंदरता बढ़ाने के लिए शहीद द्वार के आसपास के इलाके को कलात्मक चीजों से सजाया गया था। इसमें लाल किले की एक प्रतीकात्मक तस्वीर भी शामिल थी। शुरुआत में नगर परिषद ने दमकल विभाग की मदद से इस जगह को साफ-सुथरा रखने के लिए नियमित सफाई अभियान चलाया था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इसके बाद यह इलाका लापरवाही का शिकार हो गया है।
यहाँ मलबा और गंदा पानी जमा हो गया है, जिससे बहुत बदबू आती है। इस बदबू के कारण पैदल चलने वालों का वहां से गुजरना या रुकना मुश्किल हो गया है। यह जगह पहले फोटो खींचने के लिए बहुत लोकप्रिय थी।
स्थानीय लोगों को अब बदबू से बचने के लिए अपनी नाक ढकने पर मजबूर होना पड़ता है। नगर परिषद का दावा है कि साफ-सफाई पर हर महीने 50 लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए जाते हैं। इसके बावजूद शहीद द्वार की हालत खराब बनी हुई है। सही से देखभाल न होने के कारण कलात्मक चीजें भी खराब हो रही हैं।
लोगों ने जिला मजिस्ट्रेट और नगर परिषद प्रशासन से अपील की है। उन्होंने इस जगह की तुरंत सफाई कराने, गंदे पानी की निकासी का इंतजाम करने और इस जगह की पुरानी खूबसूरती को फिर से वापस लाने के लिए नियमित निगरानी की व्यवस्था करने की मांग की है।