भागलपुर के शाहकुंड में बाढ़ का पानी घटने से बदबू और फसल बर्बाद

MyBhagalpur Team13 September 20262 min read14 viewsSad/Bad
भागलपुर के शाहकुंड में बाढ़ का पानी घटने से बदबू और फसल बर्बाद

भागलपुर के शाहकुंड प्रखंड में बाढ़ का पानी घटने लगा है लेकिन इसके बाद वहां तेज बदबू और फसल खराब होने की चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बदबू और खराब हालात के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक जरूरी सफाई और दवा का छिड़काव शुरू नहीं किया है। हालांकि स्थानीय अधिकारी और राहत टीमें बाढ़ के असर को संभालने में लगी हुई हैं। 13 सितंबर 2026 तक भागलपुर में स्थिति में सुधार दिख रहा है और गंगा नदी का जलस्तर 1.5 से 2 फीट घट गया है, हालांकि नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। राज्य आपदा मोचन बल यानी एसडीआरएफ ने 250 से 300 लोगों को सुरक्षित निकाला है और जिला कलेक्टर अलंकृता पांडे की देखरेख में बचाव कार्य चल रहा है। जिले भर में इस समय 337 सामुदायिक रसोई चल रही हैं, जहां करीब 37,08,315 लोगों को खाना दिया जा रहा है।

सड़कों की स्थिति और राहत कार्य

नेशनल हाईवे 80 यानी एनएच-80 सात दिन बंद रहने के बाद गाड़ियों के लिए फिर से खुल गया है, लेकिन घोघा, सबौर, नाथनगर, पीरपैंती और कहलगांव जैसे प्रखंडों की कई ग्रामीण सड़कें अभी भी बंद हैं। शाहकुंड में अंचल अधिकारी डॉ. हर्षा कोमल राहत कार्यों की कमान संभाले हुए हैं, जिसमें पचरुखी के जय प्रकाश मध्य विद्यालय में 24 घंटे का विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाना भी शामिल है। वहीं इलाके के किसानों ने लंबे समय तक पानी में डूबे रहने के कारण अपनी फसल को हुए नुकसान का आकलन करना शुरू कर दिया है।

बिहार में बाढ़ का असर और प्रशासनिक कदम

पूरे बिहार में आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक बाढ़ से 48 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार के काम पर सवाल उठाए हैं, जबकि स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी सुरक्षित जगहों पर भेजने के लिए गर्भवती महिलाओं की पहचान करने पर सबसे ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। एसडीआरएफ कमांडर कुमार नेनू ने लोगों से लगातार सतर्क रहने की अपील की है और कहा है कि भले ही पानी घट रहा है, लेकिन लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा अभी भी बना हुआ है।

MyBhagalpur की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel
Share:

Comments

Leave a comment