शारदीय नवरात्र की पूरी जानकारी: दस दिनों का होगा महापर्व, जानें शुभ मुहूर्त

भागलपुर क्षेत्र में इस बार शारदीय नवरात्र दस दिनों का होगा और इसकी शुरुआत 11 अक्टूबर से आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर होगी। ज्योतिषाचार्य पंडित तरुण झा के अनुसार, यह त्योहार ग्यारहवें दिन 21 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ समाप्त होगा। महाअष्टमी 18 अक्टूबर को, संधि पूजा 19 अक्टूबर को और महानवमी 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी।
- शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू होकर 21 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ समाप्त होगा।
- माता दुर्गा का आगमन और प्रस्थान दोनों हाथी पर होगा।
- कलश स्थापना 11 अक्टूबर को चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग में होगी।
माँ दुर्गा का आगमन और गमन
शास्त्रों के अनुसार, देवी दुर्गा का आगमन हाथी (गजारूढ़) पर होगा, जिसे पारंपरिक रूप से भारी बारिश से जोड़ा जाता है। उनकी विदाई भी हाथी पर ही होगी, जिसे शुभ माना जाता है।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
पंडित झा ने बताया कि मिथिला यूनिवर्सिटी पंचांग के अनुसार, कलश स्थापना रविवार, 11 अक्टूबर को चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग में की जाएगी। उन्होंने सुबह 10:35 बजे से पहले या दोपहर 1:26 बजे के बाद शुभ समय में अनुष्ठान करने की सलाह दी है, हालांकि प्रतिपदा तिथि पूरे दिन प्रभावी रहेगी।
विजयादशमी और अंतिम दिन के अनुष्ठान
21 अक्टूबर को, जो कि त्योहार का अंतिम दिन है, अनुष्ठानों में विजयादशमी, देवी विसर्जन, जयंती धारण, अपराजिता पूजा, सरस्वती पूजा विसर्जन, नवरात्र व्रत पारण और नीलकंठ पक्षी के दर्शन शामिल होंगे।