मतदाता सूची पुनरीक्षण के खिलाफ उठे स्वर, सामाजिक संगठनों ने जारी किया पोस्टर

MyBhagalpur Team25 October 20262 min read0 viewsPolitics
मतदाता सूची पुनरीक्षण के खिलाफ उठे स्वर, सामाजिक संगठनों ने जारी किया पोस्टर

भागलपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ विभिन्न सामाजिक संगठन लामबंद हो गए हैं। इस संबंध में रविवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई जिसमें कई कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी शामिल हुए।

  • बिहार जनसंघर्ष समिति एवं नागरिक अभियान के संयुक्त तत्वावधान में बैठक हुई
  • मताधिकार बचाओ, लोकतंत्र बचाओ अभियान का पोस्टर जारी किया गया
  • नवगठित फोरम पीपुल अगेंस्ट एसआईआर को पूर्ण समर्थन देने का निर्णय लिया गया
  • मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की गई

बैठक में हुआ पोस्टर जारी

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भागलपुर के एक स्थानीय होटल में बिहार जनसंघर्ष समिति एवं नागरिक अभियान के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक संगठनों के कार्यकर्ताओं तथा बुद्धिजीवियों की उपस्थिति में 'मताधिकार बचाओ, लोकतंत्र बचाओ' अभियान का पोस्टर जारी किया गया। बैठक की अध्यक्षता निर्मल कुमार ने की, जबकि संचालन समिति के अध्यक्ष गौतम कुमार और धन्यवाद ज्ञापन सुभाष कुमार प्रसाद द्वारा किया गया।

पुनरीक्षण प्रक्रिया पर उठाए गए सवाल

बिहार जनसंघर्ष समिति के अध्यक्ष गौतम कुमार ने विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आशंका जताई कि एसआईआर के माध्यम से पात्र मतदाताओं को सोची-समझी रणनीति के तहत मताधिकार से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस की राजनीतिक विचारधारा के अनुरूप चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस व्यवस्था के विरोध में समिति नुक्कड़ सभाओं, बैठकों, जनयात्राओं और सम्मेलनों के जरिए आम लोगों को जागरूक करेगी। बैठक में नवगठित फोरम ‘पीपुल अगेंस्ट एसआईआर’ को पूर्ण समर्थन देने और भागलपुर सहित पूरे बिहार में इसकी गतिविधियों को तेज करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही आगामी 1 नवंबर को प्रस्तावित 'दिल्ली चलो' कार्यक्रम में समिति के कार्यकर्ताओं के शामिल होने की आधिकारिक घोषणा की गई।

प्रमुख मांगें और आरोप

वक्ताओं ने कहा कि मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाना नागरिक अधिकारों का हनन और लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर राजनीतिक संरक्षण में काम करने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे, एसआईआर प्रक्रिया पर तुरंत रोक, बिहार में पुनर्मतदान और ईवीएम की जगह मतपत्र (बैलेट पेपर) से चुनाव कराने की मांग की।

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