भागलपुर के नवगछिया स्थित सोनी डेयरी पर श्रम विभाग की टीम ने औचक छापेमारी की और एक 13 साल के बच्चे को बाल श्रम से मुक्त कराया। जिलाधिकारी के विशेष निर्देश पर यह कार्रवाई की गई।
- जिलाधिकारी के निर्देश पर श्रम विभाग की संयुक्त टीम का छापा
- नवगछिया की सोनी डेयरी से 13 साल का बच्चा मुक्त
- डेयरी संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
भागलपुर, 25 सितंबर (हि.स.). जिलाधिकारी के विशेष निर्देश पर श्रम विभाग के संयुक्त प्रर्वतन अधिकारियों के धावा दल ने शुक्रवार को नवगछिया स्थित सोनी डेयरी प्रतिष्ठान पर औचक छापेमारी की। इस विशेष रेस्क्यू टीम में नारायणपुर के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी प्रभाषीश कुमार, बिहपुर के मनोहर कुमार, खरीक के परितोष कुमार और नवगछिया की महिला श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अनिता कुमारी शामिल थीं।
इस संयुक्त कार्रवाई में टीम ने वहां काम कर रहे
एक 13 साल के नाबालिग बच्चे को बाल श्रम के चंगुल से सुरक्षित विमुक्त कराया। अधिकारियों ने बताया कि बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम के तहत
सोनी डेयरी के संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। कानूनी प्रावधानों के अनुसार, दोषी नियोक्ता पर 20,000 से 50,000 तक का आर्थिक जुर्माना और 6 महीने से 2 साल तक की जेल की सजा हो सकती है। विमुक्त बच्चे को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश कर पुनर्वास सहायता राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर