भागलपुर जिला अदालत ने शनिवार को तिलकामांझी थाना क्षेत्र के चर्चित संजय शेखर नारायण हत्याकांड में फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय सह विशेष न्यायाधीश निगरानी ने मुख्य आरोपी सुभाष कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सुभाष कुमार मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के कासिया गांव का रहने वाला है।
- अदालत ने दोषी पर पचास हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
- सुभाष कुमार को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 3(5) के तहत दोषी पाया गया है।
- जुर्माना नहीं देने पर छह महीने की अतिरिक्त जेल की सजा काटनी होगी।
- यह घटना चौबीस जनवरी 2025 को हुई थी।
संजय शेखर नारायण मुंडीचक स्थित अपने घर पर अकेले थे, जब डकैती के दौरान गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी गई। घटना के समय उनकी पत्नी आभा सिन्हा बेगूसराय में एक अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने गई थीं। यह अपराध तब सामने आया जब पीड़ित की बेटी ने अपने पिता को फोन पर संपर्क नहीं कर पाने पर अपनी मां को सतर्क किया। आभा सिन्हा ने तब अपने किरायेदार जलवर्षा कुमारी से श्री नारायण को देखने के लिए संपर्क किया। कमरे में प्रवेश करने पर किरायेदार ने पीड़ित को फर्श पर लेटा हुआ पाया।
शुरुआत में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान तिलकामांझी पुलिस ने आरोपियों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज का इस्तेमाल किया। अधिकारियों ने मुख्य आरोपी सुभाष कुमार के आवास से एक चोरी की चेकबुक, पासबुक और एक मोबाइल फोन बरामद किया, जिससे उसकी गिरफ्तारी हुई। जांच के दौरान एक दूसरे संदिग्ध को भी गिरफ्तार किया गया था लेकिन मुकदमे के दौरान उसे बरी कर दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से दस गवाहों ने गवाही दी, जिसका प्रतिनिधित्व अपर लोक अभियोजक राजेश कुमार सिंह ने किया।