पायलट बनने का था सपना, आर्थिक तंगी ने रोका, अब ड्रोन पायलट बनकर हजारों लोगों की सवार रही जिंदगी

Pooja Kanjani28 March 20242 min read29 viewsBihar
पायलट बनने का था सपना, आर्थिक तंगी ने रोका, अब ड्रोन पायलट बनकर हजारों लोगों की सवार रही जिंदगी

Drone Pilot Nisha, Begusarai Drone Pilot :  विकास की राह पर अग्रसर बिहार में महिलाएं भी पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर विकास के इस कार्य में अपना पूरा योगदान दे रही हैं। जिसमें सरकार अपनी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं के सपनों को साकार करने में लगी हुई है।

आज हम आपको बिहार के बेगूसराय की रहने वाली निशा के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने बचपन में पायलट बनने का सपना देखा था। लेकिन अपना पायलट बनने का सपना वो सच नहीं कर पायीं। लेकिन आज वह ड्रोन उड़ा कर किसानों के चेहरों पर मुस्कान लाने में जरूर सक्षम हो गई है।

जी हां, बेगूसराय के मटिहानी प्रखंड की निशा को सरकार द्वारा चलाई जाने वाली “जीविका दीदी योजना” के माध्यम से ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग दी गई। इसके बाद अब वे कई एकड़ में फैले हुए खेतों में ड्रोन की सहायता से कीटनाशक का छिड़काव करके किसानों की सहायता कर रही हैं।

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हैदराबाद में मिली ट्रेनिंग निशा को जीविका के द्वारा हैदराबाद में एक हफ्ते की ड्रोन उड़ने की ट्रेनिंग दी गई है। इसके बाद अब उन्होंने ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक, दवाइयां और खाद का छिड़काव करने का काम शुरू कर दिया है। निशा देवी बचपन से ही पायलट बनने की इच्छा रखती थी। लेकिन पारिवारिक स्थितियों की वजह से वह अपना यह सपना पूरा नहीं कर सके।

किसानों के चेहरे पर लाती है खुशी ड्रोन द्वारा कई एकड़ में फैले खेतों में कीटनाशक दावों का छिड़काव करना काफी आसान हो जाता है, जिससे किसान दावों के डायरेक्ट संपर्क में आने से बच जाते हैं। और छिड़काव में काफी कम समय भी लगता है। निशा द्वारा 10 एकड़ तक की खेती में कीटनाशक का छिड़काव ड्रोन द्वारा किया जा रहा है। जिसके लिए ₹480 प्रति एकड़ का रेट निर्धारित किया गया है।

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