सुल्तानगंज में सजेगा ओडिशा के मंदिर जैसा भव्य पंडाल

MyBhagalpur Team6 October 20262 min read0 viewsCity Local
सुल्तानगंज में सजेगा ओडिशा के मंदिर जैसा भव्य पंडाल

सुल्तानगंज के 290 साल पुराने बड़ी दुर्गा मंदिर में इस बार दुर्गा पूजा पर ओडिशा के राधा-कृष्ण मंदिर की तर्ज पर भव्य पंडाल तैयार किया जा रहा है। यह पंडाल 70 फीट ऊंचा और 40 फीट चौड़ा होगा और इसकी तैयारियां अभी चल रही हैं। कमेटी के अध्यक्ष शिवम चौधरी ने बताया कि उत्सव के प्रबंधन के लिए एक विस्तृत योजना बनाई गई है जिसमें मंदिर की सजावट, भक्ति जागरण कार्यक्रम, भंडारे, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था और विसर्जन जुलूस शामिल हैं। मां दुर्गा की प्रतिमा की स्थापना 17 अक्टूबर को तय है और इसके बाद 21 अक्टूबर को विसर्जन जुलूस निकाला जाएगा। कमेटी पश्चिम बंगाल और झारखंड से कलाकारों को बुला रही है और झारखंड के कलाकारों द्वारा विशेष प्रस्तुतियां दी जाएंगी। मंदिर परिसर में रोज महाआरती होगी और भक्तों के लिए शर्बत और पीने के पानी का इंतजाम रहेगा। समुदायक रसोई में अष्टमी को हलवा, नवमी को खीर और दशमी को खिचड़ी परोसी जाएगी। इसके अलावा अष्टमी को प्रतियोगिताएं, नवमी और दशमी को सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा बच्चों के लिए नृत्य प्रतियोगिता होगी। इन प्रतियोगिताओं के लिए मुफ्त रजिस्ट्रेशन फॉर्म अभी मिल रहे हैं।

मंदिर का पुराना इतिहास

मंदिर में थीम आधारित पंडाल बनाने की पुरानी परंपरा है, जहां पिछले साल राजस्थान शैली का झरोखा थीम और 2024 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर की थीम बनाई गई थी, जिसमें ऊपरी हिस्से पर फाइबर का ढांचा था। पुजारियों के अनुसार, यहां पूजा की शुरुआत का सटीक इतिहास दर्ज नहीं है लेकिन यह मंदिर सदियों से आस्था का केंद्र रहा है। प्रधान पुजारी मुरलीधर झा ने बताया कि पहले यहां पशु बलि दी जाती थी जिसे 50 साल पहले बंद कर दिया गया है। अपनी उम्र के कारण यह मंदिर बड़ी दुर्गा मंदिर के नाम से जाना जाता है और यहां पिछले 33 सालों से लगातार 24 घंटे दुर्गा पाठ होता आ रहा है। पुजारी संजय Pathak ने बताया कि अखंड संपुट में 24 घंटे लगातार दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाता है।

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