सुल्तानगंज में बाढ़ के पानी में उतरे नाबालिग की करंट से दर्दनाक मौत

भागलपुर के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के गनगनिया फतेहपुर गांव में बाढ़ के पानी में फैले करंट की चपेट में आने से एक नाबालिग की मौत हो गई। इस दुखद घटना से पूरे इलाके में मातम और ग्रामीणों में भारी गुस्सा है।
मुख्य बातें:
- भागलपुर के सुल्तानगंज में बाढ़ के पानी में करंट से नाबालिग की मौत।
- मृतक की पहचान गनगनिया फतेहपुर निवासी रोहित कुमार के रूप में हुई।
- चापाकल पर नहाने जाते समय खुले तार के करंट से हुआ हादसा।
- बिजली विभाग की लापरवाही से नाराज हैं ग्रामीण और परिजन।
हादसे की पूरी जानकारी
भागलपुर जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत गनगनिया फतेहपुर गांव में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। इलाके में फैले बाढ़ के पानी के बीच बिजली के चालू तार की चपेट में आने से बुधवार को एक नाबालिग युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान गनगनिया फतेहपुर निवासी रोहित कुमार के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बताया जा रहा है कि पूरे इलाके में इन दिनों बाढ़ का पानी फैला हुआ है। इसी बीच रोहित घर के पास लगे चापाकल पर नहाने के लिए पानी में उतरा था। बाढ़ के पानी में पहले से ही बिजली का एक क्षतिग्रस्त तार गिरा हुआ था, जिसमें करंट प्रवाहित हो रहा था। जैसे ही रोहित पानी में आगे बढ़ा, वह सीधे करंट की चपेट में आ गया। बिजली का झटका इतना जोरदार था कि देखते ही देखते वह बुरी तरह झुलस गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद से गांव में चीख-पुकार मची हुई है।
ग्रामीणों का आक्रोश और आरोप
घटना को लेकर मृतक के परिजन और ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। मृतक की चाची और अन्य ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बाढ़ के पानी में करंट उतरने की जानकारी स्थानीय स्तर पर विभाग के कई लोगों और लाइनमैन को पहले ही दे दी गई थी। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों ने इस पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई। परिजन का कहना है कि अगर समय रहते बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती या क्षतिग्रस्त तार को दुरुस्त कर लिया जाता, तो आज रोहित की जान बचाई जा सकती थी।
बाढ़ के पानी और बिजली के जर्जर व खुले तारों का यह खतरनाक तालमेल अब लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ने लगा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था की तत्काल सघन जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जहां भी पानी जमा है, वहां के खुले और क्षतिग्रस्त तारों को तुरंत दुरुस्त या सुरक्षित किया जाए ताकि भविष्य में किसी और मासूम को अपनी जान न गंवानी पड़े।