भागलपुर के सजौर थाना क्षेत्र के बैजनाथपुर में 50 वर्षीय शिक्षक ललित रजक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह प्राथमिक विद्यालय मुंजत में शिक्षक थे और मंगलवार को उन्हें प्रधानाध्यापक का पदभार संभालना था। विभागीय परीक्षा के बाद उनके प्रधानाध्यापक पद पर प्रमोशन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी। इससे पहले वह मध्य विद्यालय दरहरिह में सेवा दे चुके थे और वहां से उनका तबादला प्राथमिक विद्यालय मुंजत हुआ था।
- ललित रजक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत।
- प्रमोशन से ठीक एक दिन पहले हुई घटना।
- गर्दन पर मिला काला निशान।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज।
उनकी पत्नी उषा देवी, जो सेविका हैं, के अनुसार ललित रजक सोमवार को एक विभागीय बैठक में शामिल होने के बाद घर लौटे थे। रात में बचा हुआ खाना खाने के बाद वह सोने चले गए और उसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिवार के लोग उन्हें तुरंत जेएलएनएमसीएच मायागंज अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल पहुंचते ही मृत घोषित कर दिया।
शव की जांच के बाद ललित रजक की गर्दन पर एक काला निशान पाया गया, जिससे मौत के कारणों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उनके परिवार वालों ने बताया कि पिछले एक से दो महीनों से उनके स्वभाव में बदलाव आ गया था और वह अक्सर शांत रहने लगे थे। ललित रजक अपने पीछे पत्नी, तीन बेटियां और दो बेटे छोड़ गए हैं। बरारी पुलिस फिलहाल मायागंज अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की देखरेख कर रही है और इस घटना की जानकारी सजौर पुलिस को दे दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि शिक्षक की मौत के असली कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चल रही पुलिस जांच के जरिए ही चलेगा।