भागलपुर के नवगछिया स्थित टेटरी दुर्गा मंदिर में दुर्गा पूजा के समापन पर मां दुर्गा की प्रतिमा का पारंपरिक विसर्जन जुलूस निकाला गया। इस अनोखे और खास कार्यक्रम को देखने के लिए दूर-दूर के गांवों से हजारों भक्त पहुंचे। यह आयोजन अपनी अनूठी परंपरा और अलग पहचान के लिए भागलपुर जिले और पूरे बिहार राज्य में जाना जाता है।
- हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने लिया हिस्सा
- युवाओं ने बांस के डंडों पर उठाई मां की प्रतिमा
- परंपरागत अनुष्ठानों के बाद हुआ मां दुर्गा का विसर्जन
प्रोत्साहन और गहरी आस्था के साथ इस जुलूस में लोग शामिल हुए, जिससे पूरे इलाके में भक्ति का माहौल बन गया। स्थानीय युवा पूरी निष्ठा के साथ इस पुरानी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। इस जुलूस की एक खास बात यह है कि प्रतिमा को कैसे ले जाया जाता है। सैकड़ों युवा प्रतिभागी बांस के डंडों से 'मेध' यानी प्रतिमा के ढांचे को बांधते हैं और उसे अपने कंधों पर उठाकर मंदिर परिसर में घुमाते हैं। पारंपरिक अनुष्ठानों को पूरा करने के बाद मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है। यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना जाता है। स्थानीय युवाओं की इसमें सक्रिय भागीदारी क्षेत्रीय संस्कृति की जीवंतता को दिखाती है।