भागलपुर: टेट्री दुर्गा मंदिर में स्थापना दिवस की धूम, उमड़ी भक्तों की भारी भीड़
भागलपुर के ऐतिहासिक टेट्री दुर्गा मंदिर में स्थापना दिवस पर उमड़ी भक्तों की भीड़। जानें इस 400 साल पुराने मंदिर की अनोखी परंपराएं।

भागलपुर के नौगचिया स्थित टेट्री गांव का ऐतिहासिक टेट्री दुर्गा मंदिर स्थापना दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। कार्तिक कृष्ण पक्ष एकादशी के पावन अवसर पर आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया।
यह प्राचीन मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास का प्रतीक भी है। स्थानीय मान्यताओं और रिकॉर्ड्स के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण लगभग 400 से 425 वर्ष पहले, करीब 1600 ईस्वी के आसपास हुआ था। इसे इस क्षेत्र के एक प्रमुख शक्तिपीठ के रूप में पूजा जाता है।
पौराणिक कथा और मंदिर की अनोखी परंपरा
मंदिर की स्थापना के पीछे एक दिलचस्प लोककथा जुड़ी है। कहा जाता है कि कलबलिया धार में एक 'मेढ़' (बलि स्तंभ) के रूप में दैवीय संकेत मिला था। जब आसपास के गांवों के लोग उस वस्तु को वहां से हटाने में असमर्थ रहे, तो इसे दैवीय इच्छा मानकर टेट्री में ही मंदिर का निर्माण किया गया।
इस मंदिर की सबसे खास बात इसकी वैष्णव परंपरा है, जो इसे अन्य शक्तिपीठों से अलग बनाती है। यहाँ पशु बलि की सख्त मनाही है। आस्था और करुणा के संगम के रूप में, यहाँ बलि के विकल्प के तौर पर 'कोढ़ा' (एक प्रकार का कद्दू या लौकी) चढ़ाया जाता है।
हालांकि नवरात्रि के दौरान यहाँ भारी भीड़ जुटती है, लेकिन कार्तिक एकादशी के इस स्थापना दिवस समारोह ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि यह मंदिर आज भी समुदाय के लिए आध्यात्मिकता और अटूट विश्वास का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है।