भागलपुर TMBU के बाढ़ के बाद पीजी हॉस्टल्स में चोरी की बड़ी घटनाएं!

बाढ़ का पानी उतरने के बाद तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) के पीजी हॉस्टल्स में चोरी की कई घटनाएं सामने आई हैं।
- 15 सितंबर को लालबाग स्थित पीजी गर्ल्स हॉस्टल-3 में चोरी का पता चला।
- 16 सितंबर को गर्ल्स हॉस्टल-4 में चोरी की रिपोर्ट आई।
- 20 सितंबर को पहले से बंद हॉस्टल-3 में फिर से चोरी की पहचान की गई।
- प्रॉक्टर डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने हॉस्टल-1 में चोरी को लेकर मंगलवार को यूनिवर्सिटी पुलिस को आवेदन दिया, लेकिन पुलिस ने अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की है।
पुलिस कार्रवाई और एफआईआर की स्थिति
यूनिवर्सिटी स्टेशन हाउस ऑफिसर अविनाश राउत ने बताया कि चोरी की घटनाएं कब हुईं या कब पता चलीं, इसकी कोई खास तारीख न होने की वजह से पुलिस ने तुरंत केस दर्ज करने से मना कर दिया है। अधिकारियों ने कहा कि औपचारिक मामला दर्ज करने से पहले शुरुआती जांच जरूरी है।
हॉस्टल-3 की घटना को लेकर पुलिस ने एफआईआर के बजाय 'संघा' (जनरल डायरी एंट्री) दर्ज की है। पुलिस का दावा था कि वार्डन ने पहले सामान 'खो जाने' की बात कही थी, चोरी की नहीं।
वार्डन का बयान और आरोप
वार्डन डॉ. इंदु कुमारी ने इस बात का विरोध किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने चोरी की लिखित शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें 'खोए हुए' सामान के रूप में शब्द बदलने के लिए दबाव डाला। उन्होंने बताया कि उनके पास मूल आवेदन का सबूत है और उन्होंने स्टूडेंट वेलफेयर के डीन (DSW) से भी एफआईआर दर्ज कराने का अनुरोध किया था।
प्रॉक्टर डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने अपने आवेदन में बताया कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद हॉस्टल की वार्ड सर्वेंट रीना देवी और सुरक्षा गार्ड राजेंद्र यादव की दी गई जानकारी से चोरियों का पता चला। उनका कहना था कि चोरियां तब हुईं जब बाढ़ के दौरान हॉस्टल डूबे हुए थे।