देवरिया में बड़ी लापरवाही! ठंड और भुखमरी से 13 गोवंशों की मौत, अधिकारी सस्पेंड

देवरिया के मइल थाना क्षेत्र के कुंडौली चौराहे पर स्थित जिला पंचायत के गो आश्रय स्थल में तीन दिन के भीतर तेरह मवेशियों की मौत हो गई है। इस घटना के बाद प्रशासन ने आश्रय स्थल के प्रभारी और जिला पंचायत निरीक्षक पारसनाथ दुबे को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा आश्रय स्थल के केयरटेकर को भी बदल दिया गया है।
मंगलवार को जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी अर्जुन सिंह ने इस केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां गंदगी, बीमार जानवर और चारे-पानी की कमी पाई। स्थल की स्थिति और साफ-सफाई में सुधार की जिम्मेदारी जिला पंचायत के अवर अभियंता दिनेश कुमार को सौंपी गई है। निरीक्षण के बाद केंद्र पर पर्याप्त चारा और दाना उपलब्ध कराया गया तथा तीन नए केयरटेकर तैनात किए गए।
ग्रामीणों के आरोप और पोर्टल का डेटा
सरकारी पोर्टल के अनुसार इस केंद्र की क्षमता करीब 25 मवेशियों की है और वहां 44 जानवर दर्ज हैं, जबकि स्थानीय लोगों का दावा है कि मौके पर करीब 55 मवेशी थे। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले केयरटेकर के गायब होने के बाद करीब 10 जानवर खेतों में चरने चले गए थे। स्थानीय लोगों के आरोप के अनुसार केंद्र पर लगभग एक हफ्ते से चारा-पानी नहीं था, जिससे जानवरों की सेहत बिगड़ गई। ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार को चार, रविवार को छह और सोमवार को तीन मवेशियों की मौत हुई और शवों को अलग-अलग जगहों पर दफनाया गया।
अधिकारियों के निर्देश और जांच
अपने निरीक्षण के दौरान अर्जुन सिंह ने चारा-पानी की आपूर्ति, साफ-सफाई और बीमार जानवरों के इलाज में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से अवर अभियंता को नालियां साफ करने, फर्श ऊंचा करने और पानी की टंकियों के पास रिसाव ठीक करने का निर्देश दिया। शेष जानवरों की जांच और इलाज के लिए डॉ. वेद प्रकाश, डॉ. अजय कुमार जायसवाल, डॉ. रामश्याम सिंह और छोटन सिंह की एक पशुचिकित्सा टीम ने आश्रय स्थल का दौरा किया।
ग्रामीणों ने राजकीय संरक्षित मवेशियों की देखभाल में लापरवाही का हवाला देते हुए सभी जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अर्जुन सिंह ने स्पष्ट किया कि पोर्टल पर आधिकारिक तौर पर 44 जानवर दर्ज हैं, जिसमें केवल दो मौतों और 42 स्वस्थ मवेशियों की सूचना है, लेकिन प्रशासन फिलहाल 11 अतिरिक्त मौतों की रिपोर्ट की जांच कर रहा है। उन्होंने कहा कि पारसनाथ दुबे का निलंबन देखी गई लापरवाही के लिए कार्रवाई के रूप में है। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) क्षितिज द्विवेदी ने पुष्टि की कि उन्हें स्थिति की जानकारी है और उन्होंने बीडीओ को मौके पर भेजकर रिपोर्ट सौंपने को कहा है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।