तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के लालबाग परिसर स्थित गोदावरी अपार्टमेंट में एक बड़ा हादसा टल गया। रविवार 20 सितंबर 2026 की रात क्वार्टर एल-1 की छत का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। यह क्वार्टर मारवाड़ी कॉलेज के शिक्षक डॉ. आशीष कुमार मिश्रा को आवंटित है। गनीमत रही कि घटना के समय कमरे में कोई नहीं था, जिससे डॉक्टर मिश्रा और उनका परिवार बाल-बाल बच गया।
- मारवाड़ी कॉलेज के शिक्षक डॉ. आशीष कुमार मिश्रा के क्वार्टर की गिरी छत
- विश्वविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का गंभीर आरोप
- छात्र संगठन एबीवीपी ने दी चेतावनी
डॉ. आशीष कुमार मिश्रा ने बताया कि यह घटना विश्वविद्यालय प्रशासन की भारी लापरवाही को दिखाती है। उन्होंने जर्जर आवास की मरम्मत के लिए तीन बार लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई काम नहीं हुआ। उनके वेतन से मकान किराया भत्ता (HRA) काटा जाता है, इसके बावजूद उन्होंने अपने खर्चे पर कुछ शुरुआती मरम्मत कराई थी, जो कम साबित हुई और इमारत खराब होती रही।
छत गिरने के बाद डॉ. मिश्रा ने विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग विंग से पूरे अपार्टमेंट परिसर की तुरंत स्ट्रक्चरल जांच और अच्छी गुणवत्ता से मरम्मत की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर विश्वविद्यालय इन खतरनाक इमारतों को ठीक नहीं करता है, तो भविष्य में किसी भी हादसे की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
टीएमबीयू में जर्जर इमारतों के गिरने की यह पहली घटना नहीं है। 10 सितंबर 2026 को विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान विभाग की छत का प्लास्टर गिर गया था, जिससे गार्ड जफर अनवर बाल-बाल बचे थे। उस घटना के बाद राज्य सरकार के निर्देश पर पुलिस विभाग के अधिकारी हेमंत सिंह ने 12 सितंबर 2026 को मौके की जांच की थी और मुख्यमंत्री सहायता पोर्टल तथा लोक शिकायत सेल में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके अलावा, 19 सितंबर 2026 को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने कार्यवाहक कुलपति से मुलाकात कर अंबेडकर स्टडीज विभाग की जर्जर हालत और चोरी की घटनाओं का विरोध किया था। समूह ने पांच दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी थी कि अगर विश्वविद्यालय इन सुरक्षा समस्याओं को हल नहीं करता है, तो प्रदर्शन किया जाएगा। इन समस्याओं के कारण छात्र, शिक्षक और कर्मचारी जानलेवा स्थिति में काम करने को मजबूर हैं।