टीएमबीयू के कर्मियों की बढ़ी मुश्किलें, समय पर नहीं मिला वेतन

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) के संविदा कर्मियों को सेवा विस्तार न मिलने के कारण भारी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनकी 11 महीने की सेवा अवधि समाप्त हो चुकी है और अभी तक औपचारिक रूप से विस्तार पत्र जारी नहीं किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी रोज की हाजिरी तो बना रहा है, लेकिन प्रशासनिक देरी की वजह से वेतन का भुगतान पूरी तरह से रुक गया है। इस स्थिति के कारण कर्मचारी दुर्गा पूजा ठीक से नहीं मना पाए और उन्हें डर है कि आने वाले दिवाली और छठ पर्व पर भी यही आर्थिक तंगी बनी रहेगी।
कुलपति और अधिकारियों को दिया गया आवेदन
इस संकट से पहले विश्वविद्यालय में काफी हंगामा हुआ था। 1 तारीख को लगभग 110 संविदा कर्मियों ने कुलपति, कुलसचिव और विधान पार्षद डॉ. संजीव सिंह को औपचारिक रूप से आवेदन दिया था। उन्होंने अपनी मानवीय और आर्थिक परेशानियों का हवाला देते हुए नौकरी को नियमित करने की मांग की थी। नौकरी की सुरक्षा की यह मांग 29 अप्रैल 2026 को राज्यपाल सचिवालय के सचिव गोपाल मीना द्वारा जारी एक निर्देश के कारण और पेचीदा हो गई है। इस निर्देश में कार्यवाहक कुलपतियों को नीतिगत फैसले लेने से रोक दिया गया था और उनका अधिकार केवल रोजमर्रा के प्रशासनिक कामों तक सीमित कर दिया गया था।
विवाद और मारपीट की घटना
शिक्षक और कर्मचारियों में चल रहे असंतोष के बीच पिछले कुछ हफ्तों में वेतन कटौती और काम की जगह पर सुरक्षा को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के कारण कामकाज ठप रहा है। परीक्षा विभाग में संविदा कर्मी तन्मय चक्रवर्ती के साथ कथित तौर पर मारपीट की घटना के बाद तनाव और बढ़ गया था। प्रशासन ने इस मारपीट की समस्या को सुलझाने के बजाय कुलसचिव प्रो. रामाशिश पूर्वे के अधीन तन्मय चक्रवर्ती का तबादला पीजी अंग्रेजी विभाग में कर दिया। कर्मचारियों ने इन शिकायतों पर प्रशासन के रवैये पर असंतोष जताया है। उनका कहना है कि प्रॉक्टर, कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक और प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों के बीच हुई पुरानी बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला है।