रविवार सुबह सबौर कॉलेज की मेजबानी में तिलकामांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी की इंटर कॉलेज क्रॉस कंट्री रेस संपन्न हुई। इस प्रतियोगिता में महिला वर्ग में एसएसवी कॉलेज चैंपियन बना और पुरुष वर्ग में सबौर कॉलेज ने पहला स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता का परिचय
- महिला वर्ग की टीम रैंकिंग में एसएसवी कॉलेज पहले, टीएनबी कॉलेज दूसरे और बीएन कॉलेज तीसरे स्थान पर रहा।
- पुरुष वर्ग की टीम रैंकिंग में सबौर कॉलेज पहले, मुरarka कॉलेज दूसरे और पीबीएस कॉलेज बांका तीसरे स्थान पर रहा।
- पुरुषों की दौड़ 12.5 किलोमीटर और महिलाओं की दौड़ 5 किलोमीटर की तय की गई थी।
पुरुषों की दौड़ सुबह 7 बजे यूनिवर्सिटी स्टेडियम से प्रिंसिपल डॉ. संजय कुमार झा, स्पोर्ट्स সেক্রেটারি डॉ. संजय कुमार जयसवाल, टीएनबी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपो महतो, बीएन कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अनिरुद्ध कुमार, सिंडिकेट सदस्य डॉ. मृत्युंजय सिंह गंगा और सीनेट सदस्य डॉ. मृत्युंजय तिवारी द्वारा झंडी दिखाकर शुरू की गई। महिलाओं की दौड़ जीरो माइल पेट्रोल पंप के पास से उपरोक्त मेहमानों के साथ ट्रैफिक डीएसपी संजय कुमार, टीएमबीयू एनएसएस कोऑर्डिनेटर डॉ. राहुल कुमार, डॉ. मयंक वत्स, डॉ. मेघा सिंह और कैप्टन राजेश नंदन द्वारा शुरू की गई। रास्ते भर सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए 12 जगहों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल तैनात किए गए थे।
पुरुषों की व्यक्तिगत स्पर्धा में
अभिषेक पहले,
ज्योतिष दूसरे और
ऋतुराज तीसरे स्थान पर रहे। महिलाओं की व्यक्तिगत स्पर्धा में
पंचो ने पहला,
खुशबू ने दूसरा और
रुसी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
समापन समारोह और पुरस्कार वितरण सबौर कॉलेज में हुआ, जिसकी अध्यक्षता मुख्य अतिथि एसपी सिटी अतुलिश झा ने की। मुख्य अतिथि, कॉलेज के प्रिंसिपल और सबौर नगर पंचायत के उपाध्यक्ष डॉ. आनंद कुमार द्वारा दीप प्रज्वलन के बाद प्रतिभागियों को ट्रॉफी, मेडल और सर्टिफिकेट दिए गए। एसपी सिटी अतुलिश झा ने छात्रों को साइबर फ्रॉड और नशीली दवाओं के सेवन के प्रति सतर्क रहने के लिए प्रोत्साहित किया। सिंडिकेट सदस्य डॉ. गंगा ने सबौर कॉलेज के भविष्य के विकास पर विश्वास जताया और सफलता हासिल करने में अनुशासन के महत्व पर जोर दिया। डॉ. मृत्युंजय तिवारी ने भी एथलीटों को अपनी शुभकामनाएं दीं। इस कार्यक्रम में ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. सत्येंद्र कुमार, कन्वेनर डॉ. राकेश रंजन, डॉ. स्वस्तिका दास, डॉ. मणिकांत, डॉ. बी. नूरजहां और बड़ी संख्या में छात्र एवं शिक्षक मौजूद रहे।