तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय और इससे जुड़े कॉलेजों के छात्रों को दशहरा की छुट्टियों के कारण पढ़ाई और जरूरी कामों में बड़ी देरी का सामना करना पड़ रहा है। विश्वविद्यालय के कार्यालय 17 अक्टूबर 2026 से बंद हो गए हैं और 21 अक्टूबर 2026 को सामान्य रूप से फिर से खुलेंगे।
इस बंदी की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- विश्वविद्यालय कार्यालय 17 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2026 तक बंद हैं।
- रोजाना सौ से अधिक छात्र मूल प्रमाण पत्र लेने आ रहे थे।
- कर्मचारियों की दो दिन की हड़ताल से पहले ही कामकाज प्रभावित हुआ था।
- अतिथि शिक्षकों ने सात महीने का मानदेय न मिलने पर प्रदर्शन किया है।
इस बंदी के कारण छात्रों का काम अटक गया है, क्योंकि प्रतियोगी परीक्षाओं के आवेदन के लिए मूल प्रमाण पत्र लेने रोज सौ से ज्यादा छात्र कैंपस आ रहे थे। इससे पहले बुधवार और गुरुवार यानी 14 और 15 अक्टूबर को वेतन कटौती के विरोध में कर्मचारियों की दो दिन की हड़ताल से विश्वविद्यालय का कामकाज प्रभावित हुआ था। हालांकि विश्वविद्यालय शुक्रवार 16 अक्टूबर को सिर्फ एक दिन खुला, लेकिन अब छुट्टी के ब्रेक ने जरूरी कागजात तैयार करने का काम रोक दिया है।
प्रशासनिक बंदी के अलावा विश्वविद्यालय में और भी कई तरह के विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं।
अतिथि शिक्षकों ने 16 अक्टूबर को सात महीने से बकाया मानदेय न मिलने पर प्रदर्शन किया और मांगें पूरी न होने पर पूरे विश्वविद्यालय को पूरी तरह बंद करने की चेतावनी दी है। इसके अलावा, विश्वविद्यालय के कर्मचारी 25 अक्टूबर 2026 को चार खास मुद्दों को लेकर एक बड़े प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं, जो मुख्य रूप से जून और सितंबर 2026 के बीच की गई वेतन कटौती पर आधारित है। इन तैयारियों के तहत, यूनियन के प्रतिनिधियों ने अपनी संगठन क्षमता को मजबूत करने के लिए सदस्यों से 200 रुपये के योगदान का अनुरोध किया है।