टीएम्बीयू में कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर रविवार 25 अक्टूबर 2026 को मल्टीपर्पस हॉल में आम सभा बुलाई गई है। इस बैठक में विश्वविद्यालय और कॉलेजों के कर्मचारी शामिल होंगे।
प्रमुख बातें:
- वेतन कटौती और लंबित प्रमोशन पर चर्चा
- कर्मचारियों द्वारा आर-पार की रणनीति पर विचार
- प्रशासन से बातचीत न होने पर ताला बंदी की चेतावनी
बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ की ओर से यह आम सभा बुलाई गई है। महासंघ के क्षेत्रीय मंत्री सुशील मंडल ने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य जून से सितंबर 2026 के बीच की गई
मनमाने ढंग से वेतन कटौती का मुद्दा उठाना है। इसके अलावा तीसरे और चौथे वर्ग के कर्मचारियों के
लंबित प्रमोशन जैसे लोअर डिवीजन क्लर्क से अपर डिवीजन क्लर्क बनने और अनुकंपा पर नियुक्ति के मामलों पर भी चर्चा होगी।
कर्मचारियों को अपनी समस्याएं रखने और विश्वविद्यालय प्रशासन की नीतियों के खिलाफ
निर्णायक आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए यह मंच मिलेगा। विश्वविद्यालय में पहले दो दिन की हड़ताल के बाद तनाव बढ़ गया था जिससे प्रशासनिक कामकाज बाधित हुआ था। प्रदर्शन के बावजूद किसी भी विश्वविद्यालय अधिकारी ने कर्मचारियों की समस्याओं को सुलझाने के लिए बातचीत नहीं की।
रविवार की बैठक की तैयारी के लिए महासंघ के नेताओं ने अधिक से अधिक कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए गोलबंद किया है। सुशील मंडल ने सभी सदस्यों से अपील की है कि वे इस सभा में आएं और अपनी आगे की कार्रवाई को अंतिम रूप दें। साथ ही, आगामी संघर्ष के लिए संगठन के संसाधनों को मजबूत करने के वास्ते
प्रत्येक सदस्य से 200 रुपये का योगदान देने का अनुरोध किया गया है। कर्मचारियों ने पहले ही चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो दुर्गा पूजा के बाद विश्वविद्यालय में ताला बंदी की जा सकती है।