भागलपुर में टीएमबीयू और कॉलेजों के कर्मचारियों की आमसभा टीएनबी कॉलेज में हुई जिसमें वेतन कटौती और प्रोन्नति समेत 8 मुद्दों पर बड़ी रणनीति बनाई गई।
- टीएनबी महाविद्यालय के सभागार में हुई आमसभा
- वेतन कटौती और प्रोन्नति समेत 8 मुद्दों पर चर्चा
- विवि प्रशासन की नीतियों के खिलाफ कर्मचारियों का आक्रोश
भागलपुर, 25 अक्टूबर (हि.स.)। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) के अंगीभूत महाविद्यालयों और स्नातकोत्तर विभागों के कर्मचारियों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को लेकर रविवार को टीएनबी महाविद्यालय के सभागार में बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ की एक महत्वपूर्ण आमसभा आयोजित की गई। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, यह बैठक पहले विश्वविद्यालय के बहुद्देशीय प्रशाल में होनी थी, लेकिन अपरिहार्य कारणों से इसे अंतिम समय में टीएनबी कॉलेज के हॉल में स्थानांतरित किया गया। बैठक की अध्यक्षता महासंघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में हुई, जबकि मुख्य संचालन महासंघ के प्रक्षेत्रीय मंत्री सुशील मंडल द्वारा किया गया। आमसभा में विश्वविद्यालय मुख्यालय सहित विभिन्न कॉलेजों की इकाइयों के अध्यक्ष, सचिव और सैकड़ों की संख्या में गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने हिस्सा लिया और विवि प्रशासन की नीतियों के खिलाफ अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। आमसभा में मुख्य रूप से जून से सितंबर 2026 तक कर्मचारियों के वेतन से की गई मनमानी व कथित गलत कटौती की राशि को अविलंब वापस करने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई गई। प्रक्षेत्रीय मंत्री सुशील मंडल ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की गलत नीतियों के कारण पिछले कुछ महीनों से कर्मचारियों के वेतन में भारी कटौती की गई है, जिससे कर्मियों के समक्ष भुखमरी और आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। बैठक के दौरान 8 प्रमुख मांगों पर चर्चा हुई। बैठक में उपस्थित विभिन्न कॉलेजों के कर्मचारी नेताओं ने एक सुर में कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनकी इन जायज 8 सूत्री मांगों पर त्वरित सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो महासंघ चरणबद्ध तरीके से आर-पार के आंदोलन के लिए बाध्य होगा। इसके तहत आने वाले दिनों में काम ठप करने से लेकर विश्वविद्यालय मुख्यालय पर रोषपूर्ण प्रदर्शन और तालाबंदी जैसी रणनीतियों पर भी विमर्श किया गया। महासंघ ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण वार्ता के प्रयास विफल होने की स्थिति में इस आंदोलन से शैक्षणिक व प्रशासनिक कार्यों पर पड़ने वाले प्रभाव की पूरी जिम्मेदारी टीएमबीयू प्रशासन की होगी।