तिलकामांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी (TMBU) के कर्मचारियों में वेतन कटौती को लेकर भारी गुस्सा है। 50 से अधिक कर्मचारियों के वेतन से पैसे काटे जाने पर सभी ने कड़ा विरोध जताया है। पीड़ित कर्मचारियों का कहना है कि बिना किसी जांच के इस तरह वेतन काटना पूरी तरह गलत है और इससे उन्हें काफी मानसिक परेशानी हो रही है।
- यूनिवर्सिटी और कॉलेज के कर्मचारियों ने की आपात बैठक
- रजिस्टर डॉ. रामाश आशीष पूर्वे को सौंपा गया ज्ञापन
- वेतन कटौती वापस न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
वेतन में कटौती के बाद यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े कॉलेजों के कर्मचारी यूनिवर्सिटी कैंपस में जमा हुए और एक आपात बैठक की। इसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। इस संबंध में उन्होंने
रजिस्टर डॉ. राम आशीष पूर्वे को एक ज्ञापन भी सौंपा है जिसमें अपनी सारी समस्याएं विस्तार से बताई हैं।
कर्मचारियों का गुस्सा तब और बढ़ गया जब उन्हें पता चला कि यूनिवर्सिटी प्रशासन अगले महीने भी वेतन से पैसे काटने की तैयारी कर रहा है। कर्मचारियों ने बताया कि पहले जो जांच कमेटी बनाई थी, उसने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि कर्मचारियों से अंडरटेकिंग लेकर वेतन कटौती को वापस ले लिया जाना चाहिए।
कर्मचारियों ने मांग की है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन सिर्फ मौखिक भरोसा देने के बजाय वेतन कटौती के फैसले को आधिकारिक तौर पर वापस ले। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कटौती रद्द नहीं की गई, तो यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में कामकाज ठप हो सकता है और
इसकी पूरी जिम्मेदारी यूनिवर्सिटी प्रशासन की होगी।