तिलका मांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी यानी TMBU के कर्मचारियों ने वेतन कटौती के विरोध में अपनी हड़ताल को अस्थायी रूप से रोक दिया है। इससे उन छात्रों को बड़ी राहत मिली है जो यूनिवर्सिटी में जरूरी सेवाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे थे।
- बिहार स्टेट यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज एंप्लॉयीज फेडरेशन के नेतृत्व में यह विरोध प्रदर्शन हुआ।
- इस प्रदर्शन से यूनिवर्सिटी का कामकाज दो दिनों तक ठप रहा।
- परीक्षा विभाग का काम रुका रहा और छात्र जरूरी एकेडमिक कागजात नहीं ले पाए।
बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को काम बंद रखा गया था।
कर्मचारियों का दावा है कि पिछले तीन महीने से उनके वेतन में 60 प्रतिशत की कटौती की जा रही है। वेतन विवाद के अलावा, स्टाफ पिछले पांच साल से पेंडिंग पड़े प्रमोशन को हल करने की मांग भी कर रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि किसी भी यूनिवर्सिटी अधिकारी को राज्य सरकार के वेतन निर्धारण नियमों से तय वेतन ढांचे को बदलने का अधिकार नहीं है।
यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने प्रशासनिक भवन में प्रदर्शन कर रहे स्टाफ से मुलाकात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह इस मामले को उच्च अधिकारियों के सामने हल के लिए ले जाएंगे।
कर्मचारियों की मांग थी कि उन्हें सिर्फ मौखिक आश्वासन नहीं बल्कि वेतन कटौती वापस चाहिए और बकाया भुगतान मिलना चाहिए। इससे पहले फेडरेशन ने मांगें पूरी न होने पर दुर्गा पूजा के बाद यूनिवर्सिटी में पूर्ण तालाबंदी की धमकी दी थी। हड़ताल के अस्थायी रूप से रुकने से प्रशासनिक काम फिर से शुरू हो गए हैं। इससे छात्रों को वे जरूरी एकेडमिक सेवाएं मिलने लगी हैं जो हड़ताल के दौरान बंद थीं।