तिलका मांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी में एमएड प्रवेश परीक्षा के रिजल्ट में गड़बड़ी को लेकर बड़ा विवाद शुरू हो गया है। सत्र 2025-27 और 2026-28 की परीक्षा में दो टॉपरों को क्रमशः 99 और 98 नंबर मिले हैं। छात्र नेता बंबर प्रीत ने आरोप लगाया है कि दोनों छात्रों के पिता का नाम एक ही है। इसके अलावा एक छात्र संगठन के प्रतिनिधि को 91 नंबर मिलने पर भी सवाल उठाए गए हैं। सीसीडीसी प्रोफेसर एसएन पांडेय की अध्यक्षता में एक हाई लेवल जांच कमेटी बनाई गई है, जिसमें सिंडिकेट सदस्य डॉ. मृत्युंजय सिंह गंगा, डॉ. मुशफिक आलम, प्रोफेसर पवन कुमार सिंह और प्रोफेसर सुरेंद्र कुमार सिंह शामिल हैं। इस कमेटी ने मंगलवार को अपनी पहली दो घंटे की बैठक की।
कमेटी ने डीएसडब्ल्यू और परीक्षा नियंत्रक से सभी जरूरी दस्तावेज मांगे हैं। जांच में पेपर बनाने से लेकर, गोपनीयता, कॉपियों की जांच और रिजल्ट जारी होने तक की पूरी प्रक्रिया शामिल होगी। कमेटी को सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। इसकी दूसरी बैठक बुधवार को तय की गई है।
दूसरी तरफ, मारवाड़ी कॉलेज ने अपने महिला विंग में रेगुलर क्लास शुरू करने का फैसला किया है। प्रिंसिपल प्रोफेसर संजय कुमार झा ने रूटीन इंचार्ज को निर्देश दे दिए हैं और यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रोफेसर रामाशिश पूर्वे को इसकी जानकारी दी है। प्रिंसिपल ने कॉलेज की फाइनेंस कमेटी के चेयरमैन से ऑफिस की चाबी सौंपने की मांग की है ताकि पढ़ाई ठीक से चल सके। इसके बावजूद छात्र आरजेडी ने 9 अक्टूबर को महिला विंग के मुद्दे पर कॉलेज कैंपस में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। प्रिंसिपल झा ने कहा है कि कॉलेज प्रशासन फाइनेंस कमेटी ऑफिस और क्लास चलाने को लेकर यूनिवर्सिटी से मिलने वाले सभी निर्देशों का पालन करेगा।