TMBU ने LDC का वेतन रोका, गलत तरीके से वेतन निर्धारण का मामला आया सामने

तिलकामांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी ने गलत तरीके से वेतन निर्धारण के मामले में एक लोअर डिवीजनल क्लर्क का वेतन रोक दिया है। यह फैसला यूनिवर्सिटी के सिंडिकेट की आपातकालीन ऑनलाइन बैठक में लिया गया, जो 22 और 23 अगस्त 2026 को आयोजित हुई थी। इस बैठक की अध्यक्षता कार्यकारी कुलपति प्रोफेसर विमलेंदु शेखर झा ने की।
- गलत वेतन निर्धारण के आरोप में एलडीसी का वेतन रोका गया
- कार्यकारी कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा की अध्यक्षता में हुई बैठक
- मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी का गठन
- शिक्षकों की प्रमोशन और अनुबंध शिक्षकों को मिली मंजूरी
वेतन रोकने का कारण
प्रोफेसर झा के अनुसार, जांच में यह बात सामने आई है कि कुछ कर्मचारियों ने अनधिकृत वेतन निर्धारण कराने के लिए पे वेरिफिकेशन सेल में हेरफेर किया था। इसके जवाब में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस मामले की पूरी जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाने का आदेश दिया है। कमेटी की फाइनल रिपोर्ट आने तक एलडीसी का वेतन सस्पेंड रहेगा। प्रशासन का यह कदम शिक्षा विभाग के पिछले निर्देशों के अनुसार है, जिसमें साफ निर्देश दिए गए थे कि वित्तीय अनियमितताओं को रोकने के लिए वेतन भुगतान नियमों के तहत होना चाहिए।
सिंडिकेट की बैठक में चर्चा
सिंडिकेट की बैठक के दौरान, सदस्य प्रोफेसर केके मंडल ने बीच का रास्ता निकालते हुए वेतन जारी करने का सुझाव दिया। उनका तर्क था कि सरकारी भुगतान पहले से ही लेट हैं और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, कार्यकारी कुलपति झा ने कहा कि यह जनता के पैसों का मामला है, इसलिए पैसे जारी करने से पहले नियमों का कड़ाई से पालन करना जरूरी है।
अन्य फैसले
अनुशासनात्मक कार्रवाई के अलावा, सिंडिकेट ने दूसरे शैक्षणिक और प्रशासनिक मुद्दों पर भी बात की। बैठक में शिक्षकों के प्रमोशन और अनुबंध शिक्षकों को मंजूरी देने पर सहमति बनी। इसके अलावा, सिंडिकेट ने पांच खास शिक्षकों के प्रमोशन की प्रभावी तारीख में संशोधन को भी मंजूरी दे दी।