तिलका मांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी के लालबाग स्थित पोस्टग्रेजुएट गर्ल्स हॉस्टल में चोरियों की वजह से छात्राओं में सुरक्षा को लेकर भारी चिंता बनी हुई है।
- 19 सितंबर 2026 को छात्राओं ने हॉस्टल 3 और 4 में रहना शुरू किया था।
- सिक्योरिटी गार्ड्स की कमी के कारण छात्राओं में डर बना हुआ है।
- 20 सितंबर 2026 को पीजी गर्ल्स हॉस्टल-1 से लोहे का सामान, बिजली की वायरिंग, खिड़कियां और दरवाजे चोरी होने की बात सामने आई।
- वार्डन ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है और डीएसडब्ल्यू डॉ. अर्चना सह ने कहा है कि पुलिस जांच के लिए प्रॉक्टर को लिखित शिकायत दी जाएगी।
- डॉ. सह ने पहले ही मान लिया था कि गार्ड्स की कमी के बारे में यूनिवर्सिटी के बड़े अधिकारियों को बता दिया गया है।
19 सितंबर 2026 को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कुलपति के आवास पर प्रदर्शन किया। उन्होंने बार-बार हो रही चोरियों और सुविधाओं की खराब हालत पर प्रशासन की लापरवाही की आलोचना की। हॉस्टल लगभग 25 दिनों तक बाढ़ के पानी से घिरे रहे थे।
हॉस्टल-4 में हुई चोरी के मामले में वीसी प्रोफेसर विमलेन्दु शेखर झा की डांट के बाद आखिरकार 18 सितंबर 2026 को एफआईआर दर्ज की गई। यूनिवर्सिटी पुलिस ने 15 सितंबर 2026 को हॉस्टल 3 और 4 का दौरा करके छात्राओं और स्टाफ से पूछताछ की थी।
ये घटनाएं फरवरी 2026 में बिहार पुलिस मुख्यालय और गृह मंत्री सम्राट चौधरी द्वारा जारी सख्त दिशा-निर्देशों के बावजूद हो रही हैं। इन नियमों में सीसीटीवी कैमरे लगाना, अच्छी रोशनी, मजबूत ताले, विजिटर रजिस्टर और बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम शामिल है, साथ ही पुरुषों के प्रवेश पर रोक है। जनवरी 2026 में भागलपुर के एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने प्राइवेट लॉज और हॉस्टलों के लिए पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य किया था और गश्त के लिए महिला पुलिस यूनिट बनाई थी। इसके अलावा, 7 सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि पटना हाईकोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करते हुए भागलपुर में 73 हॉस्टल बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे हैं।