TMBU हॉस्टल में जलभराव से छात्र परेशान, स्मार्ट सिटी का काम बना मुसीबत

तिलका मांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी के पीजी पुरुष हॉस्टल और आसपास रहने वाले छात्र गंभीर जलभराव की समस्या से परेशान हैं। यूनिवर्सिटी के अधिकारियों और भागलपुर नगर निगम से बार-बार गुहार लगाने के बाद भी इसका कोई समाधान नहीं निकला है। रिपोर्टर बलराम मिश्रा के अनुसार, यह जलभराव की समस्या सीधे तौर पर भागलपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़ी है। प्रोजेक्ट का काम कराने के लिए भैरवा तालाब के पास के पुराने नालों को बंद कर दिया गया है, जिससे गंदे पानी के निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा है। अगस्त 2026 तक लगातार बारिश और गंगा नदी में बढ़ते जलस्तर ने छात्रों की परेशानी को और बढ़ा दिया है। इससे पहले 8 अगस्त 2026 को सरकारी कल्याण अनुसूचित जनजाति हॉस्टल संख्या 3 के अधीक्षक दीपक कुमार दिनकर ने जिला प्रशासन और नगर निगम से साफ-सफाई और जल निकासी के काम को प्राथमिकता देने की औपचारिक मांग की थी। यह समस्या भागलपुर में बुनियादी ढांचे की खराब हालत को दिखाती है। 13 अगस्त 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, कई ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में महीनों से जलभराव है, जो अक्सर नालों पर कब्जे और खराब जल निकासी प्रबंधन के कारण होता है। भागलपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 13 अरब रुपये का प्रस्ताव है जिसमें स्टॉर्म ड्रेन भी शामिल हैं, लेकिन इसे लागू करने के तरीके से पानी का पुराना बहाव रास्ता रुक गया है। फरवरी 2022 में भैरवा तालाब क्षेत्र को आधुनिक बनाने की कोशिश की गई थी ताकि मानसून से पहले काम पूरा हो सके, लेकिन जल निकासी का इंतजाम न हो पाना इस विकास योजना की बड़ी असफलता है।