तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने कैंपस और कुलपति आवास की सुरक्षा के लिए पुलिस बल की मांग की है। प्रॉक्टर प्रो. मुकेश कुमार सिंह ने भागलपुर के जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। पत्र में 27 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक विश्वविद्यालय परिसर और कुलपति के आधिकारिक आवास पर महिला-पुरुष पुलिस बल और एक कार्यपालक दंडाधिकारी की तैनाती की मांग की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस अवधि को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बेहद संवेदनशील बताया है।
विश्वविद्यालय में प्रशासनिक अशांति के तीन मुख्य कारण हैं। राज्यपाल के आदेश के बाद सेवामुक्त किए गए अतिथि शिक्षकों का गुस्सा, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुपालन में वेतन कटौती का सामना कर रहे शिक्षकेतर कर्मचारियों की असंतुष्टि, और विभिन्न छात्र संगठनों की आक्रामक गतिविधियां। कार्यवाहक कुलपति सहित विश्वविद्यालय के अधिकारियों का कहना है कि दबाव और डर के इस माहौल में प्रशासनिक फैसले लेने और शिक्षकों के प्रमोशन में परेशानी आ रही है।
प्रशासन का कहना है कि इन मामलों को नियमों के तहत ही हल किया जाना चाहिए, लेकिन अधिकारी अभी भयमुक्त माहौल में काम नहीं कर पा रहे हैं। इस गतिरोध के कारण डिग्री, सर्टिफिकेट जारी करने और सत्र नियमित करने जैसे जरूरी शैक्षणिक कार्य में देरी का खतरा पैदा हो गया है, जिससे हजारों छात्र सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। प्रभावित कर्मचारियों की नाराजगी को प्रशासन समझता है, लेकिन उनकी पहली प्राथमिकता हिंसक टकराव को रोकना और संस्था की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अब अक्टूबर के आखिरी दिनों के लिए पुलिस बल की तैनाती को लेकर जिला प्रशासन के जवाब पर सबकी नजर टिकी है।